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सहकारी बैंककर्मी 20 अप्रैल को जयपुर में करेंगे उपवास

सहकारी बैंककर्मी 20 अप्रैल को जयपुर में करेंगे उपवास 15वां वेतनमान को लेकर सरकार ने शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 02:30 AM IST
सहकारी बैंककर्मी 20 अप्रैल को जयपुर में करेंगे उपवास

15वां वेतनमान को लेकर सरकार ने शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो सहकारी बैंककर्मी महापड़ाव डालेंगे। 20 अप्रैल को जयपुर में प्रदेश भर के बैंककर्मी जुटेंगे और सामूहिक उपवास रखेंगे। यह जानकारी सोमवार को ऑल राजस्थान को-ऑपरेटिव बैंक एम्पलॉइज यूनियन और ऑल राजस्थान को-ऑपरेटिव बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के प्रांतीय सचिव सूरजभान सिंह आमेरा ने पत्रकार वार्ता में दी। आमेरा ने बताया, कि नवंबर में विधानसभा के चुनाव होने हैं और उससे पहले आचार संहिता लग जाएगी। सहकारी बैंक कर्मियों के 15 वें वेतनमान के संबंध में निर्णय लेने के लिए केवल 3 माह बचे हैं। इसलिए हम चाहते हैं कि दो वर्ष पूर्व प्रमुख शासन सचिव अभय कुमार की अध्यक्षता में गठित हुई पांच सदस्यीय कमेटी यूनियन के साथ वार्ता शुरू करे।

नरेगा के कर्मचारी रहे सामूहिक अवकाश पर

महात्मा गांधी नरेगा संविदा कार्मिक भर्ती प्रक्रिया को प्रारंभ करने की मांग को लेकर सोमवार को सामूहिक अवकाश पर रहे। साथ ही कलेक्टर कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। नरेगा कार्मिक संघ के जिलाध्यक्ष प्रतापराम धांधू ने बताया, कि प्रदर्शन के बाद अतिरिक्त जिला कलेक्टर मानाराम पटेल को मुख्यमंत्री व पंचायतीराज मंत्री के नाम ज्ञापन दे भर्ती प्रक्रिया पुनः शुरु करने की मांग की। इस अवसर पर मोहनलाल सीरवी, रामस्वरूप टाक, ईश्वर गोदारा, किशोर भाटी, खींयाराम चौधरी, अमिता, सोमकंवर, जसराज गुर्जर, भागीरथ गोरचियां, महेंद्रदान व रामपाल सोलंकी सहित कई नरेगा कार्मिक उपस्थित थे।

मांगों को लेकर कर्मचारी आज से करेंगे आंदोलन

अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ एसएम, राजस्थान जलदाय श्रमिक व कर्मचारी संघ मंगलवार से अपनी 22 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन शुरू करेगा। इसकी तैयारियों को लेकर महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष राजाबाबू बोहरा की अध्यक्षता में रिक्तिया भैरूजी स्थित महासंघ कार्यालय में विभिन्न घटकों की बैठक हुई। महासंघ प्रदेशाध्यक्ष बोहरा ने बताया, कि राज्य सरकार को 22 सूत्री मांगों को लेकर ज्ञापन दिया था। सरकार ने वार्ता भी की और इस पर जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया, लेकिन आज दिन तक सरकार की ओर से कोई निर्णय नहीं लिया गया। इसी कड़ी में अब कर्मचारी विभिन्न तरीके से सरकार का विरोध जताएंगे। बैठक में ब्रह्मदेव पुरोहित, हरनारायण दाधीच, भंवरलाल प्रजापत, दयाराम प्रजापति, मदन शर्मा, शांता जोशी, मांगीलाल, स्वरूप पालीवाल, मो.तंजीम, सलीम खान, नीलकंठ, पीसी व्यास आदि मौजूद थे।

नर्सेज ने धरना प्रदर्शन कर जताया रोष

राजस्थान सरकार द्वारा निकाली गई 4514 पदों की सीधी भर्ती के लिए जारी नियमों के विरोध में प्रदेशभर के लाखों बेरोजगार नर्सेज सड़कों पर उतर आए हैं। जोधपुर में सोमवार को बेरोजगार नर्सेज ने कलेक्ट्रेट पर धरना दिया तथा जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। बेरोजगार नर्सेज संघर्ष समिति के संयोजक मनोहर चौधरी ने बताया, कि भर्ती अंकों की प्रतिशत के मेरिट और बोनस अंकों में शामिल करने के नियम में संशोधन कर किसी भी अधीनस्थ चयन बोर्ड या आरपीएससी द्वारा लिखित परीक्षा के माध्यम से करवाई जाए। जीएनएम बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष बीआर डेलू ने कहा, कि उनका विरोध बोनस अंकों को लेकर नहीं हैं, बल्कि वे यह चाहते हैं, कि जो 85 प्रतिशत भाग है वो लिखित परीक्षा के माध्यम से हों। ऑल इंडिया जीएनएम नर्सेज एसोसिएशन के राष्ट्रीय संयोजक सुखलाल जाट ने केंद्रीय मंत्री पीपी चौधरी और गजेंद्रसिंह शेखावत से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।