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शहर में 3 कसल्टेंट, फिर भी महज 17 प्रतिशत परिवारों को ही दे पाए योजना की दूसरी किस्त

News - सीएमएचओ डॉ. सुरेंद्रसिंह चौधरी का कहना है कि शहर में पेंडेंसी ज्यादा है, इसके लिए योजना बनाई जा रही है। जिम्मेदार...

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2018, 02:35 AM IST
शहर में 3 कसल्टेंट, फिर भी महज 17 प्रतिशत परिवारों को ही दे पाए योजना की दूसरी किस्त
सीएमएचओ डॉ. सुरेंद्रसिंह चौधरी का कहना है कि शहर में पेंडेंसी ज्यादा है, इसके लिए योजना बनाई जा रही है। जिम्मेदार अधिकारियों को जल्द कार्य पूरा करने के लिए कहा है। उम्मेद अस्पताल में प्रशासनिक अधिकारी जब तक इस ओर ध्यान नहीं देंगे तब तक पेंडेंसी बनी रहेगी। इधर, उम्मेद अस्पताल अधीक्षक डॉ. रंजना देसाई का कहना है कि पूरे संभाग से यहां महिलाएं डिलेवरी के लिए आती हैं, बच्चे के जन्म के समय उनको प्रथम किस्त भी दी जाती है। उसके बाद वह जहां टीकाकरण कराएगी वहीं से उसे भुगतान किया जाता है। हमारे यहां टीकाकरण का काम पीएसएम विभाग करता है, लेकिन हमें सीएमएचओ की ओर से कोई डायरेक्शन नहीं मिले हैं। अधीक्षक डॉ. देसाई ने कहा कि शुभलक्ष्मी योजना की द्वितीय किस्त की अंतिम दिनांक के समय ही हमें सीएमएचओ की ओर से टीकाकरण के फाॅर्म ऑनलाइन करने के लिए कहा गया तो दो कंम्यूटर ऑपरेटर लगाकर टीकाकरण के फाॅर्म को ऑनलाइन करवा रहे हैं।

शहरी क्षेत्र में 8083 में से 6729 केस पेंडिंग

राजश्री योजना

टारगेट 8083, पेंडिंग केस 6729, द्वितीय किस्त बाकी 1354, कार्य 17 प्रतिशत, बकाया कार्य 83 प्रतिशत।

ग्रामीण क्षेत्र के 10 ब्लॉक में फलोदी में सबसे ज्यादा 61 प्रतिशत किस्त बकाया

गांव टारगेट पेंडिंग केस किस्त बकाया कार्य पेंडिंग कार्य

बालेसर 1470 611 859 52% 42%

बाप 749 134 615 82% 18%

बावड़ी 1219 320 899 74 % 26%

भोपालगढ़ 1512 480 1032 68% 32%

बिलाड़ा 1662 505 1157 70% 30%

लूणी 1477 524 953 65% 35%

मंडोर 1138 404 734 64% 36%

ओसियां 2040 441 1599 78% 22%

फलोदी 1309 803 506 39% 61%

शेरगढ़ 1487 543 944 63% 37%

टीकाकरण

पेंडिंग केस- 5511, टारगेट का 83 प्रतिशत बकाया, 3795 का भामाशाह कार्ड अपलोड नहीं करीब 56 प्रतिशत।

बेटी के अभिभावकों को 6 चरणों में 50 हजार की आर्थिक सहायता

राज्य सरकार की ओर से बेटी के जन्म से कक्षा 12वीं तक उसकी पढ़ाई, स्वास्थ्य व देखभाल के लिए अभिभावक को 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता विभिन्न चरणों में दी जाती है। बेटी के जन्म के समय 2500 रुपए, एक वर्ष का टीकाकरण होने पर 2500 रुपए, पहली कक्षा में प्रवेश लेने पर 4000 रुपए, कक्षा 6 में प्रवेश लेने पर 5000 रुपए, कक्षा 10 में प्रवेश लेने पर 11000 व कक्षा 12 उत्तीर्ण करने पर 25000 रुपए दिए जाते हैं।

तीसरी संतान बेटी होने पर आगे की किस्तों का लाभ नहीं

राज्य सरकार की ओर से बेटी के जन्म से कक्षा 12वीं तक उसकी पढ़ाई, स्वास्थ्य व देखभाल के लिए अभिभावक को 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता विभिन्न चरणों में दी जाती है। बेटी के जन्म के समय 2500 रुपए, एक वर्ष का टीकाकरण होने पर 2500 रुपए, पहली कक्षा में प्रवेश लेने पर 4000 रुपए, कक्षा 6 में प्रवेश लेने पर 5000 रुपए, कक्षा 10 में प्रवेश लेने पर 11000 व कक्षा 12 उत्तीर्ण करने पर 25000 रुपए दिए जाते हैं।

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