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रोज 2-3 घंटे बच्चों को खेल-खेल में पढ़ना सिखाया, अब 87 बच्चे रोज जा रहे स्कूल

जोधपुर। झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले बच्चे इन दिनों खुशी से चहक रहे हैं। ये बच्चे स्कूल जाकर पढ़ाई नहीं कर पाए...

Dainik Bhaskar

Aug 03, 2018, 03:00 AM IST
रोज 2-3 घंटे बच्चों को खेल-खेल में पढ़ना सिखाया, अब 87 बच्चे रोज जा रहे स्कूल
जोधपुर। झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले बच्चे इन दिनों खुशी से चहक रहे हैं। ये बच्चे स्कूल जाकर पढ़ाई नहीं कर पाए लेकिन रॉबिनहुड आर्मी की टीम ने कच्ची बस्तियों में पहुंचकर न केवल इनका इंटरेस्ट पढ़ाई की ओर खींचा बल्कि 87 गरीब बच्चों को स्कूलों में एडमिशन करवा दिया ताकि वे आगे की पढ़ाई कर सकें। अब ये बच्चे नियमित रूप से रोजाना स्कूल जा रहे हैं। आर्मी के वालिंटियर्स ने रोजाना दो-तीन घंटों की क्लास लेकर खेल-खेल में गरीब बच्चों का ध्यान पढ़ाई की ओर बढ़ाया। अब आर्मी की टीम सुबह स्कूलों में भी जाकर चैक भी कर रही है ताकि बच्चे स्कूल आने में कोताही न बरतें। आर्मी के वालिंटियर्स ने ही सभी 87 बच्चों के स्कूल बैग्स, शूज़, कपड़े व स्टेशनरी का खर्च भी उठाया है। टीम के सदस्य एम्स, बनाड़, महामंदिर, आठ मील, बरकतुल्लाह खान स्टेडियम आदि क्षेत्रों की झुग्गी बस्तियों में रहने वाले बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा पूरी करवा कर उन्हें नज़दीकी सरकारी स्कूल में भर्ती करवाते हैं, बल्कि उनकी शिक्षा से जुड़ी हर चीज़ चाहे वह किताबें और बैग हो या आने-जाने के लिए वाहन हर चीज़ का बखूबी ध्यान रखते हैं ।

रॉबिनहुड आर्मी ने सभी बच्चों को दिए बैग, स्टेशनरी और ड्रैसेज

ढाई साल से वेस्ट भोजन एकत्र कर जरूरतमंदों तक पहुंचा रही आर्मी

आर्मी से जुड़ी सुनीता शेखावत ने बताया कि टीम का लक्ष्य हरेक बच्चे को स्कूल में भर्ती करवाना है। शेखावत के साथ टीम में राहुल, स्वाति, सांची, नीरव, गौरव आदि भी क्लासेज ले रहे हैं। गौरतलब है कि रॉबिनहुड आर्मी शिक्षा के साथ ही ऐसे बच्चों के लिए कई एक्टिविटीज भी करती है और मेडिकल चेकअप का भी ध्यान रखती है। 2016 की शुरूआत में टीम ने शादी, पार्टी व रेस्टोरेंट में वेस्ट हो रहे भोजन को टेस्ट करके फिर इकट्ठा कर गरीबों व जरूरतमंद लोगों तक पहुंचा रही है।

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