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युवक के जिंदा जलने का मामला : सुसाइड या मर्डर, निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई पुलिस

मंडोर के आंगणवा इलाके में सोमवार सुबह जिंदा जलते तरुण परिहार की एमजीएच में मौत पुलिस के लिए पहेली बनती नजर आ रही...

Bhaskar News Network| Last Modified - Aug 08, 2018, 04:00 AM IST

युवक के जिंदा जलने का मामला : सुसाइड या मर्डर, निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई पुलिस
युवक के जिंदा जलने का मामला : सुसाइड या मर्डर, निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई पुलिस
मंडोर के आंगणवा इलाके में सोमवार सुबह जिंदा जलते तरुण परिहार की एमजीएच में मौत पुलिस के लिए पहेली बनती नजर आ रही है। घटना के दूसरे दिन पुलिस ने 5-6 संदिग्ध सहित 10-15 लोगों से पूछताछ की, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है। पुलिस फिलहाल यह तय नहीं कर पाई है कि तरुण का मर्डर हुआ था या उसने आत्महत्या की। उधर, तरुण द्वारा 4-5 मोबाइल सिम का उपयोग लिए जाने की प्रारंभिक जानकारी सामने आने के बाद इनकी डिटेल खंगालने में भी पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। साथ ही पुलिस की अलग-अलग टीमें तरुण के रामसागर स्थित घर से घटनास्थल के बीच सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी देख रही है।

डीसीपी (ईस्ट) डॉ. अमनदीप सिंह कपूर ने बताया कि रामसागर चौराहे के पास रहने वाले तरुण परिहार (23) पुत्र राजेंद्रसिंह के जिंदा जलने और बाद में उसकी मौत के मामले में घटनास्थल से पुलिस व एफएसएल टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं। इनकी विस्तृत रिपोर्ट मिलने से ही पता चला पाएगा कि तरुण के जलने में प्रयुक्त पदार्थ क्या था। इस प्रकरण की जांच के लिए मंडोर थानाधिकारी प्रदीप शर्मा के साथ महामंदिर एसएचओ संजय बोथरा, मथानिया थानाधिकारी मनीष देव और जिला पूर्व की स्पेशल टीम को भी शामिल किया गया है। ये टीमें सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग हासिल करने, तरुण के मोबाइल की कॉल डिटेल सहित अन्य पहलुओं का विश्लेषण कर रही है। पुलिस की अब तक की पड़ताल में यही सामने आया कि तरुण का बहुत ही कम लोगों से मिलना-जुलना था। उसके पास 4-5 मोबाइल सिम होने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे में इन सबकी डिटेल भी जुटाई जा रही है। मेडिकल बोर्ड से मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत का कारण जलना ही बताया गया है।

7 अगस्त

प्लास्टिक पाइप और पीएचडी परीक्षा फीस की रसीद भी मिली

प्रकरण की जांच में जुटी पुलिस टीम को घटनास्थल पर एक प्लास्टिक के पाइप का टुकड़ा और ई-मित्र पर पीएचडी परीक्षा के लिए जमा करवाई गई फीस की रसीद मिली है। संभवतया तरुण ने पीएचडी प्रवेश के लिए फीस जमा कराई होगी, लेकिन परिवार वालों काे इस बारे में कोई ज्यादा जानकारी नहीं है। इसी तरह, मौके पर मिली प्लास्टिक पाइप से तरुण के मर्डर की बजाय आत्महत्या करने की तरफ इशारा कर रही है, लेकिन ऐसा करने के कोई ठोस कारण नजर नहीं आए हैं। पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने की बजाय दोनों ही पहलू पर जांच कर रही है।

दो दिन पहले ही देखने आए थे लड़की वाले, अपने में ही खोया रहता था तरुण

पुलिस सूत्रों के अनुसार तरुण के दोस्तों और परिवारवालों से पूछताछ में यही सामने आया कि तरुण ज्यादातर अपनी ही दुनिया में खोया रहता था। घटना से दो दिन पहले ही शनिवार को सगाई के लिए एक लड़की के परिवार वाले भी उसके घर आए थे। बताया जाता है कि इसके बाद भी तरुण ने अपने घरवालों से खुद का कारोबार जमने के बाद ही शादी या सगाई करने की बात कही थी। बताया जाता है कि बजरी सप्लाई बंद होने के बाद से ही उसका आरसीसी का काम भी काफी कम हो गया था। घटनास्थल के पास खेत में काम करने वाले लोगों ने भी किसी को आते-जाते नहीं देखा। यही वजह है कि पुलिस को इस मामले में खुदकुशी की संभावना लग रही है।

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