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युवक की पीट-पीट कर हत्या करने के 7 अारोपियों को उम्रकैद की सजा

झालामंड चौराहे पर 7 साल पहले की घटना लीगल रिपोर्टर. जोधपुर एडीजे कोर्ट संख्या तीन के न्यायाधीश उपेंद्र...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 08, 2018, 04:00 AM IST

झालामंड चौराहे पर 7 साल पहले की घटना

लीगल रिपोर्टर. जोधपुर

एडीजे कोर्ट संख्या तीन के न्यायाधीश उपेंद्र शर्मा ने एक युवक की पीट-पीट कर हत्या करने के मामले में सात आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। मामले के अनुसार वर्ष जुलाई 2011 में बासनी क्षेत्र में किशन प्रजापत नामक युवक पर माधुराम, सुमेर, पन्नाराम, ताराचंद, जेठाराम, मदन व बीरमाराम ने मिलकर जानलेवा हमला किया था। आरोपियों के हाथों में धारदार हथियार थे और उससे किशन को गंभीर रूप से घायल कर दिया। बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।

बासनी पुलिस थाने में झालामंड निवासी परिवादी मालाराम ने प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करवा कर उसके भाई किशन की लाठियों से मारपीट करने की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। इस पर सातों आराेपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया था। मामले में लोक अभियोजक दिनेश कुमार शर्मा ने अंतिम बहस करते हुए कोर्ट में बताया, कि आरोपियों ने एक राय होकर लाठियों तथा धारदार हथियारों से जघन्य हत्या की है। ऐसे आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए। कोर्ट ने सभी पक्ष सुनने के बाद सातों आरोपियों को आजीवन कारावास से दंडित किया।

रिश्वत लेने के आरोपी थानेदार को सात साल का कठोर कारावास

खांडा फलसा थाने में था कार्यरत, चोरी के झूठे मुकदमे में फंसाने की दी थी धमकी

लीगल रिपोर्टर. जोधपुर| एसीबी कोर्ट के न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा ने चोरी के मुकदमे में झूठा फंसाने का डर दिखाकर पांच हजार रुपए की रिश्वत लेने के मामले में दोषी साबित हुए थानेदार को सात साल की कठोर सजा से दंडित किया है। 25 हजार रुपए का आर्थिक दंड भी लगाया है।

सहायक निदेशक अभियोजन (भ्रष्टाचार निरोधक) एनके सांखला ने बताया कि अगस्त 2014 में जोधपुर के खांडा फलसा थाने में ओमप्रकाश माचवाल पुलिस उप निरीक्षक के पद पर कार्यरत था। उसने पाली जिले के सादड़ी निवासी मोहम्मद निसार को चोरी के मुकदमे में झूठा फंसाने की धमकी दी। ऐसे मुकदमे में नहीं फंसाने के एवज में 25 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। परिवादी ने कुछ कम करने का आग्रह किया और 26 अगस्त 2014 को पांच हजार रुपए उसे देने गया। पांच हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए एसीबी जोधपुर ग्रामीण ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

कोर्ट में बहस के दौरान सहायक निदेशक अभियोजन सांखला ने कोर्ट को बताया, कि वर्तमान में हर जगह भ्रष्टाचार का बोलबाला है। इस कारण भ्रष्ट लोगों के प्रति नरमी का रुख नहीं अपनाते हुए कठोर से कठोर दंड देना चाहिए। सभी पक्ष सुनने के बाद कोर्ट ने धारा 7 पीसी एक्ट में पांच साल का कठोर कारावास व 20 हजार के अर्थदंड से दंडित किया, जबकि धारा 13 (1)(डी)2 पीसी एक्ट में सात वर्ष का कठोर कारावास व 25 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।

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