Hindi News »Rajasthan »Jodhpur »News» फूल भक्तों के हृदय का स्वरूप, इसलिए फूलों का शृंगार भगवान को प्रिय है : राधाकृष्ण महाराज

फूल भक्तों के हृदय का स्वरूप, इसलिए फूलों का शृंगार भगवान को प्रिय है : राधाकृष्ण महाराज

जोधपुर| गोवत्स राधाकृष्ण महाराज ने कहा, कि फूल भक्तों के हृदय का स्वरूप है, इसलिए फूलों का शृंगार भगवान को प्रिय है।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 08, 2018, 04:05 AM IST

जोधपुर| गोवत्स राधाकृष्ण महाराज ने कहा, कि फूल भक्तों के हृदय का स्वरूप है, इसलिए फूलों का शृंगार भगवान को प्रिय है। संग का बड़ा प्रभाव पड़ता है। अच्छे का संग अच्छा और बुरे का संग बुरा हाेता है। वे मंगलवार को गांधी मैदान में भक्ति रस महोत्सव के सातवें दिन जगन्नाथ कथा सुना रहे थे। मंगलवार को कथा की पूर्ण आरती हुई। उन्होंने कहा, कि जो वस्तु अच्छी लगे वह भगवान को अर्पित करें। भगवान भाव के भूखे होते हैं। उन्होंने कहा, कि निर्धन के धन तो खुद जगन्नाथ हैं। जगन्नाथजी का शृंगार भक्ति प्रधान होता है। गीत गोविंद की रचना करने वाले जयदेव जगन्नाथ के परम भक्त थे। भगवान का प्रसाद बुद्धि को शुद्ध करता है। सात दिवसीय जगन्नाथ कथा की शाम को संतों के सान्निध्य में पूर्ण आरती हुई। इस मौके पर पूर्व महापौर ओम कुमारी ने भी संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया।

‘नानी बाई रो मायरो’ कथा आज से | सूरसागर बड़ा रामद्वारा के महंत रामप्रसाद महाराज ने बताया, कि बुधवार से पांच दिवसीय ‘नानी बाई रो मायरो’ कथा और मीरा चरित्र पर आधारित कथा का शुभारंभ होगा। साथ ही अखंड खड़ी सप्ताह शुरू होगा। भगवान जगन्नाथ के पावन चरणों में भक्ति चरित्र की कथा संतों के सान्निध्य में होगी।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×