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स्टूडेंट बन डेकॉय ने सेंटर में रखी नजर तो हुआ खुलासा, 15-20 होशियार लड़के दूसरों का पेपर देने के लिए किए थे तैयार

पुलिस कांस्टेबल, लैब असिस्टेंट, लाइब्रेरियन, एलडीसी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल कराने के लिए शातिर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 12, 2018, 04:40 AM IST

  • स्टूडेंट बन डेकॉय ने सेंटर में रखी नजर तो हुआ खुलासा, 15-20 होशियार लड़के दूसरों का पेपर देने के लिए किए थे तैयार
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    पुलिस कांस्टेबल, लैब असिस्टेंट, लाइब्रेरियन, एलडीसी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल कराने के लिए शातिर बदमाश फोटो एडिटिंग और मार्फिंग तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके तहत प्लानिंग वेकेंसी आने के बाद से शुरू हो जाती थी। पुलिस को सूचना मिली कि जालोरी गेट पर कोचिंग सेंटर अनुपम क्लासेज का संचालक अपने साथियों के साथ मिलकर परीक्षार्थियों को पास कराने की गारंटी देकर 5-7 लाख रुपए वसूल रहा है तो रेंज कार्यालय की क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर हरजीराम व कांस्टेबल हरिराम को तकनीकी आधार पर इस गिरोह पर नजर रखने के निर्देश दिए। उधर, पुलिस ने एक कांस्टेबल को डेकॉय स्टूडेंट बनाकर अनुपम क्लासेज में एडमिशन दिला दिया। वे रोजाना कोचिंग के लिए जाता अौर वहां चल रही गतिविधियों पर नजर रखता रहा। उसकी छानबीन में पता चला कि भीखाराम ने करीब 40-50 लोगों की टीम बना रखी थी। इनमें 15-20 लोग अलग-अलग सब्जेक्ट के एक्सपर्ट हैं, जो नकल कराने के लिए पेपर साल्व करने का काम करते हैं। इसी तरह, उसने 20-25 लड़कों को अपने यहां कोचिंग देकर तैयार कर रखा है, जो जरूरत पड़ने पर असली अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देते थे। पता चला कि भीखाराम अपने कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाले व पूर्व होशियार लड़कों की फोटो और असली परीक्षार्थी से मिलते-जुलते हुलिए के आधार पर कंप्यूटर से मॉर्फिंग के एक्सपर्ट खेमे का कुआं स्थित न्यू आईजी स्टूडियो के संचालक रमेश प्रजापत (36) पुत्र रूपाराम की मदद से एडिटिंग करवाता था। प्रजापत द्वारा एडिट किए गए फोटो को परीक्षार्थी के प्रवेश पत्र के नीचे लगाकर उसकी जगह होशियार लड़के से परीक्षा दिलाने की बात भी सामने आई। मिक्सिंग से फोटो तैयार कराने के नाम पर भी गिरोह अभ्यर्थी से दो से ढाई लाख रुपए तक वसूलता है। भीखाराम से पुलिस कांस्टेबल लिखित परीक्षा व अन्य परीक्षाओं में पास होने के लिए संपर्क करने वाले कई परीक्षार्थियों को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पकड़े गए गिरोह से परीक्षार्थियों के गारंटी बैच के स्टाम्प, खाली चेक, रसीद बुकें, रजिस्टर, हिसाब-किताब की पर्चियां, ऑन शीट तैयार की गई पर्चियां, मिक्सिंग व एडिट किए हुए परीक्षार्थियों के फोटो, चार लाख नौ हजार पांच सौ रुपए नकद, कंप्यूटर सिस्टम, मोबाइल फोन व अन्य साधन जब्त किए गए हैं। पकड़े गए गिरोह के खिलाफ खांडा फलसा थाने में केस दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है।

    7 अभ्यर्थी भी पकड़े गए

    हरिनारायण का यह है असली चेहरा

    1.

    बीकानेर के पांचू थानांतर्गत कूदसू निवासी हरिनारायण विश्नोई (27) पुत्र हनुमानराम भादू के भी अजमेर, भीलवाड़ा, कोटा, बूंदी, 7-आरएसी, प्रतापगढ़ सहित छह जगहों से फाॅर्म भरवाए गए थे। खुद की जगह किसी और को बिठाने के लिए भीखाराम से संपर्क किया, पकड़ा गया।

    पहले से अलर्ट थी पुलिस व एसओजी की टीम, कोचिंग सेंटर पर पुलिस की दबिश से अफरा-तफरी, कोई भाग न सका

    आईजी (जोधपुर रेंज) हवासिंह घुमरिया ने बताया कि पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में नकल गिरोह के सक्रिय होने की संभावनाओं को देखते हुए प्रदेशभर की पुलिस व एसओजी की टीमें पहले से अलर्ट हैं। इसी बीच टीम ने कोचिंग सेंटर के संचालक भीखाराम विश्नोई, उसके सहयोगी अरुण पंवार और सुरेश विश्नोई के मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लेकर निगरानी की तो पता चला कि यह गिरोह कांस्टेबल, लैब असिस्टेंट, लाइब्रेरियन, एलडीसी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में परीक्षार्थी के मिलते-जुलते होशियार लड़कों की फोटो मिक्सिंग व एडिटिंग करवाकर परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा करते हैं। साक्ष्य संकलन के बाद आईजी घुमरिया के निर्देश पर एसपी (रूरल) राजन दुष्यंत, एएसपी (ग्रामीण) खींवसिंह के निर्देशन में रेंज के इंस्पेक्टर हरजीराम, लता बेगड़, कांस्टेबल हरिराम, नेनाराम, संदीप, दिलीप के साथ ग्रामीण पुलिस के एसआई दीपसिंह, जयकिशन सोनी, हैड कांस्टेबल दमाराम, श्रवण, बाबूराम, कांस्टेबल देवाराम विश्नोई, झूमर, चिमनाराम, मोहनराम, वीरेंद्र, दिनेश व महिपाल की अलग-अलग टीमें गठित की गईं। पूरी तैयारी के साथ पुलिस की टीमों ने जालोरी गेट स्थित अनुपम क्लासेज पर दबिश दी, तो वहां अफरा-तफरी मच गई। यहां बैठे स्टूडेंट्स व अन्य स्टाफ को भागने का मौका भी नहीं मिला। पुलिस टीम ने मूलतया सांचौर के दाता हाल पाल बाइपास पर स्थित मानसरोवर कॉलोनी में रहने वाले भीखाराम विश्नोई पुत्र हरिराम, पालड़ी सिद्धा निवासी अरुण पंवार पुत्र दिलीप कुमार और बाड़मेर के शोभला दर्शान निवासी सुरेश कुमार विश्नोई पुत्र गोविंदराम को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

    सरकारी नौकरी पाने की उम्मीद में कुछ अभ्यर्थी एडवांस देने पहुंचे तो कई मिक्सिंग कराने लाए थे अपने फोटो

    मिक्सिंग से बना हरि का नया चेहरा

    2.

    5 लाख में सौदा

    भोपालगढ़ के हिंगोली निवासी रामदीन विश्नोई (30) पुत्र मानाराम बेनीवाल भी पकड़ में आया। भीखाराम ने लाइब्रेरियन भर्ती परीक्षा में पास कराने के लिए पांच लाख रुपए में सौदा तय किया था। रामदीन इसके लिए दो लाख रुपए एडवांस भी लेकर आया था।

    5.

    बिचौलिये से बात

    डांगियावास के रसीदा निवासी मालाराम विश्नोई (23) पुत्र भानाराम भादू ने भी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के लिए पुलिस कमिश्नरेट से फाॅर्म भरा था। उसने परीक्षा में पास होने के लिए भंवरलाल सियाग के मार्फत भीखाराम से संपर्क किया था। पकड़ा गया।

    3.

    6 जगह भरे फार्म

    हनुमानगढ़ के सरदार गढिया निवासी रघुवीरसिंह विश्नोई (25) पुत्र निहालसिंह से कांस्टेबल परीक्षा के लिए सौदा किया था। रघुवीर से जयपुर, अजमेर, जोधपुर, भीलवाड़ा, कोटा व बूंदी में फाॅर्म भरवाए। रघुवीर एडवांस के दो लाख नौ हजार 500 रुपए देते हुए पकड़ा गया।

    अजमेर से भरा फार्म

    डांगियावास के सरनाडा की ढाणी निवासी मनीष विश्नोई (25) पुत्र भीरमाराम खिलेरी ने भी पुलिस कमिश्नरेट व अजमेर से कांस्टेबल का फाॅर्म भरा। खुद की जगह किसी और को परीक्षा दिलाने का 5 लाख में सौदा किया। फोटो मिक्सिंग कराने आया और पकड़ा गया।

    6.

    कोचिंग सेंटर की बजाय हॉस्पिटल, चाय का ढाबा या अशोक उद्यान बुलाकर लेता था पैसे

    एसपी (रूरल) राजन दुष्यंत ने बताया कि पकड़े गए गिरोह से प्रारंभिक पूछताछ में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। संचालक जाणी औसतन एक अभ्यर्थी से 5 से 7 लाख रुपए लेता था। इसमें से दो लाख एडवांस, दो लाख रुपए एडमिट कार्ड डाउनलोड करने पर और शेष राशि परीक्षा से पहले लेता था। इनमें दो युवकों की फोटो की मिक्सिंग करके तीसरी नई फोटो तैयार करने का मामला संभवतया प्रदेश में पहली बार सामने आया है। शातिर भीखाराम को पुलिस के राडार पर होने की आशंका थी और इसी के चलते वह कोचिंग सेंटर में किसी से इस बारे में कोई बात तक नहीं करता था। जिनसे भी रुपए लेने होते, वह उस अभ्यर्थी को कभी अशोक उद्यान के बाहर तो कभी किसी हॉस्पिटल या सरदारपुरा तारघर स्थित भाटी टी स्टाल पर बुलाता और उनसे रुपए लेकर वहीं से रवाना कर देता था।

    कई फोटो लाया

    डांगियावास के कानावास का पाना निवासी भंवरलाल विश्नोई (32) पुत्र गोकुलराम सियाग ने परीक्षा में खुद की जगह किसी और को बिठाने का सौदा किया था। उसने कई लड़कों के फोटो मिक्सिंग कराने के लिए भीखाराम से संपर्क किया और पकड़ा गया।

    4.

    5 जगह भरे फार्म

    पचपदरा निवासी निर्मल पालीवाल (25) पुत्र जेठाराम ने भी पुलिस कांस्टेबल व चालक कांस्टेबल भर्ती के लिए बाड़मेर, जालोर, पाली, जयपुर व जैसलमेर से पांच-पांच फाॅर्म भरवाए गए। भीखाराम से पांच लाख में सौदा हुआ। फोटो मिक्सिंग के लिए आया और पकड़ा गया।

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  • स्टूडेंट बन डेकॉय ने सेंटर में रखी नजर तो हुआ खुलासा, 15-20 होशियार लड़के दूसरों का पेपर देने के लिए किए थे तैयार
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