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विजय चौक में 21 दिसंबर को हुई हत्या का पर्दाफाश

शहर के बहुचर्चित बाबू पहलवान ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा हो गया है। पुलिस ने पहलवान के दो चचेरे भाईयों सहित चारों...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 04:50 AM IST

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    शहर के बहुचर्चित बाबू पहलवान ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा हो गया है। पुलिस ने पहलवान के दो चचेरे भाईयों सहित चारों आरोपियों को गुरुवार शाम कोटा से गिरफ्तार किया। आरोपी भाई कारोबार में नाकामी, परिवार में लड़का नहीं होने व बहनोई की मौत का कारण भी बाबू पहलवान के काला जादू को मानते थे। इसी संदेह के चलते एक भाई हत्या से करीब दो महीने पहले भी विजय चौक में पहलवान के घर झगड़ा करके गया था। गत 21 दिसंबर को हुए इस हत्याकांड की जांच में जुटी सदर कोतवाली पुलिस की टीमों ने 147 दिनों में तकरीबन 20 लाख मोबाइल रिकाॅर्ड, 300 जगहों पर सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग और 250 से ज्यादा से पूछताछ के बाद कड़ियां जोड़ीं, चारों आरोपियों जितेंद्र शर्मा (56) उसके सगे भाई धर्मेंद्र शर्मा (53), इनके पास नौकरी करने वाले रणवीरसिंह गुर्जर उर्फ नंदा (32), दौलतराम लोदा (23) को कोटा से पकड़ लाई।

    संदेह: प|ी, बेटे और बेटी से भी विवाद थे

    बाबू पहलवान के शव के पास टेबल पर 26 हजार रु. व प्रोपर्टी के कागजात सुरक्षित पड़े थे। इससे लूट की संभावना नहीं रही। पुलिस पूछताछ में पहलवान द्वारा तंत्र-मंत्र करने, पूरी संपत्ति बड़े बेटे नरेश के नाम करने और छोटे बेटे हितेश व बेटी टीना को संपति से बेदखल करने, पहलवान की तलाकशुदा प|ी सुशीला के पक्ष में बेटी द्वारा पिता को केस में कोर्ट में बयानों से पलटने की धमकी देने की बातें भी सामने आई थी। इससे रंजिश की संभावना ज्यादा नजर आई और पुलिस की पड़ताल भी इसी दिशा में चली। पहलवान के दूर व नजदीकी रिश्तेदारों के बारे में छानबीन की, तो पता चला कि पहलवान और उसके चाचा के परिवार वालों के बीच पुरानी रंजिश थी।

    मृतक बाबू पहलवान

    दो सगे भाई सहित 4 जने कोटा से गिरफ्तार

    बहनोई की मौत के बाद चढ़ी सनक, कोटा में बना था षड़यंत्र

    थानाधिकारी इंद्रसिंह के अनुसार आरोपी जितेंद्र के बहनोई भंवरलाल की 24 जुलाई 2017 को हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। जितेंद्र के सभी भाई-बहन पहलवान के काला जादू से मौत होना मानने लगे। कोटा में जितेंद्र को लगातार परेशान देख करीब 15 साल पुराने नौकर रणवीर ने कहा कि परेशान करने वाले को ही ठिकाने लगा देते हैं। इसके लिए जितेंद्र, धर्मेंद्र, रणवीर और दौलत 20 दिसंबर को जोधपुर पहुंचे। पावटा किसान भवन में कमरा लिया। दूसरे दिन सुबह प्लानिंग के साथ पहलवान के घर पहुंचे और मौका पाते ही हत्या कर वापस अलग-अलग बसों से निकल गए।

    साजिश

    20 लाख कॉल रिकॉर्ड 300 सीसी कैमरे खंगाले

    छानबीन

    हत्या का खुलासा करने के लिए एडीसीपी (ईस्ट) अनंत कुमार, एसीपी (सेंट्रल) विक्रमसिंह भाटी, सदर कोतवाली थानाधिकारी इंद्रसिंह के साथ हैड कांस्टेबल चंचलप्रकाश जाजड़ा, सुमेरसिंह भाटी, रमेश कुमार और कांस्टेबल पुखराज व लादूराम की टीम गठित की गई। टीम ने तकरीबन 20 लाख से ज्यादा मोबाइल नंबरों में से संदिग्ध नंबरों की छानबीन के साथ विभिन्न इलाकों में सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग, मृतक के रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों से लगातार पूछताछ की। इसके बाद पुलिस टीम ने पूरे इलाके में तकरीबन 300 जगहों पर सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली और इनमें से 18 के फुटेज भी लिए, जिनमें कुछ संदिग्ध होने की संभावना थी।

    हत्याकांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम के साथ चारों आरोपी।

    दिनदहाड़े घर में घुसकर पहले गला घोंटा फिर ब्लेड से काटा

    डीसीपी (ईस्ट) डॉ. अमनदीप सिंह कपूर ने बताया कि 21 दिसंबर की सुबह करीब 11 से 11:20 बजे के बीच विजय चौक जाट हॉस्टल के सामने अकेले रहने वाले बाबूलाल वैष्णव (70) उर्फ बाबू पहलवान की हत्या हो गई थी। घर में घुसकर चार बदमाशों ने पहले तो व्हीलचेयर पर बैठे पहलवान का गमछे से गला घोंटा, बाद में ब्लेड से गला काटकर हत्या कर दी। महज 15-20 मिनट में वारदात कर बदमाश बाहर निकलते, ठीक इससे पहले बुजुर्ग की देखभाल करने वाली युवती वहां आ पहुंची। दरवाजा खटखटाने पर भीतर से एक बदमाश ने कहा कि पूजा चल रही है। कुछ मिनट में चारों बदमाश बाहर निकल गए। इसके बाद युवती भीतर पहुंची तो वारदात का पता चला था। सदर कोतवाली थाने में हत्या का मामला दर्ज था।

    हत्या

    चचेरी बहन से पूछताछ में रंजिश खुली, कड़ियां जुड़ीं

    खुलासा

    चारों आरोपियों में से कोई भी पहलवान या उसके परिवार वालों के संपर्क में नहीं थे और न ही इनमें से किसी के भी नंबर मिले। भंवरलाल की मौत और उनकी प|ी से पूछताछ में पहलवान से रंजिश की बात भी सामने आई। इसके बाद पुलिस आगे की कडिय़ां जोड़ती चली गई। आखिरकार थानाधिकारी के साथ टीम कोटा पहुंची और वहां न्यू जवाहर नगर में रहने वाले जितेंद्र शर्मा व धर्मेंद्र शर्मा पुत्र रामचंद्र वैष्णव, मूलतया मथुरा में जटवारी निवासी रणवीरसिंह गुर्जर और मूलतया मध्यप्रदेश के गुना में बाछेड़ा खुर्द निवासी दौलतराम लोदा को पकड़ लिया। यहां पूछताछ में हत्या की स्वीकारोक्ति के बाद पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर लिया।

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