• Hindi News
  • Rajasthan
  • Jodhpur
  • नेत्र जांच की बी-स्कैन मशीन का भी कराना होगा पीसीपीएनडीटी एक्ट में रजिस्ट्रेशन
--Advertisement--

नेत्र जांच की बी-स्कैन मशीन का भी कराना होगा पीसीपीएनडीटी एक्ट में रजिस्ट्रेशन

भ्रूण परीक्षण पर पूरी तरह से रोकथाम के लिए चिकित्सा विभाग निरंतर प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में अब सोनोग्राफी की...

Dainik Bhaskar

Aug 12, 2018, 04:51 AM IST
नेत्र जांच की बी-स्कैन मशीन का भी कराना होगा पीसीपीएनडीटी एक्ट में रजिस्ट्रेशन
भ्रूण परीक्षण पर पूरी तरह से रोकथाम के लिए चिकित्सा विभाग निरंतर प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में अब सोनोग्राफी की तरह आंखों की जांच की ‘बी-स्कैन’ मशीन का भी पीसीपीएनडीटी एक्ट में रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी किया है। चिकित्सा विभाग भ्रूण जांच की सोनोग्राफी के बाद अब सरकारी और निजी अस्पतालों में नेत्र विभाग में काम आने वाली बी-स्कैन मशीन पर भी नजर रखेगा। विभाग के आला अधिकारियों की मानें तो भ्रूण परीक्षण के लिए चोरी छिपे बी-स्कैन मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। राजस्थान में बीकानेर और महाराष्ट्र में पुणे में ऐसे मामले पकड़े भी गए थे। इसके बाद जब विभाग ने मशीन की जांच कराई तो पता चला कि आंखों की जांच में काम आने वाली इस मशीन में प्रोब बदलकर भ्रूण जांच किया जाना संभव है। इसी रिपोर्ट के आधार पर अब सरकार ने स्टेट पीसीपीएनडीटी सैल में सभी सरकारी व निजी अस्पतालों में इस्तेमाल की जाने वाली बी-स्कैन मशीन का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। रजिस्ट्रेशन नहीं कराने वाले संस्थानों पर निरीक्षण के दौरान नियमानुसार कार्रवाई होगी। पीसीपीएनडीटी के नई दिल्ली स्थित सेंट्रल सुपरवाइजरी बोर्ड की सिफारिश पर केंद्र सरकार ने राजस्थान समेत देश के सभी राज्यों को मशीन का रजिस्ट्रेशन करवाने व एक्टिव ट्रेकर लगाने के निर्देश दिए हैं।

आई सेंटर्स रखेंगे नाम, पता व रोगी की बीमारी का रिकाॅर्ड

बी स्केन मशीन भी अब पीसीपीएनडीटी के दायरे में

पहली बी-स्कैन मशीन का जयपुर में हुआ रजिस्ट्रेशन

प्रदेश में पहली रजिस्टर्ड होने वाली मशीन जयपुर के विद्याधर नगर स्थित शंकरा आई हॉस्पिटल की बी-स्कैन मशीन है। उल्लेखनीय है कि राज्य में सरकारी व निजी अस्पतालों में करीब 300 मशीनें संचालित हैं। सबसे ज्यादा मशीनें जयपुर, सीकर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर, अजमेर व कोटा में हैं।

चिकित्सा विभाग के नए नियमों के तहत आंखों की अस्पताल के संचालकों को सोनोग्राफी मशीन की तर्ज पर बी-स्कैन के लिए लाइसेंस लेना पड़ेगा। साथ ही मरीजों का नाम, पता, मोबाइल नंबर व बीमारी का रिकाॅर्ड भी रखना होगा।

X
नेत्र जांच की बी-स्कैन मशीन का भी कराना होगा पीसीपीएनडीटी एक्ट में रजिस्ट्रेशन
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..