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पहली पत्नी व उसके बेटे की मौत के बाद दूसरी पत्नी उठाती रही पति व बेटे की पेंशन, अब केस दर्ज

Dainik Bhaskar

Aug 05, 2018, 04:55 AM IST

News - मतोड़ा | क्षेत्र के जाखण गांव में रहने वाले रिटायर्ड सैन्यकर्मी लखसिंह, जिन्होंने वर्ष 1975 में निधन से कुछ वर्ष पहले...

पहली पत्नी व उसके बेटे की मौत के बाद दूसरी पत्नी उठाती रही पति व बेटे की पेंशन, अब केस दर्ज
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मतोड़ा | क्षेत्र के जाखण गांव में रहने वाले रिटायर्ड सैन्यकर्मी लखसिंह, जिन्होंने वर्ष 1975 में निधन से कुछ वर्ष पहले दूसरी शादी बादल कंवर से की थी। उनकी पहली प|ी मोहनकंवर का वर्ष 1955 में ही निधन हो गया था। पति की पेंशन हासिल करने के लिए तीन बेटों के साथ मिलकर बादल कंवर ने मोहन कंवर के नाम से दस्तावेज तैयार कराए और करीब 50 साल से पेंशन उठाती रही। अब इस मामले की शिकायत सामने आने पर मतोड़ा थाने में केस दर्ज किया गया है। इसकी जांच मतोड़ा थानाधिकारी अमरसिंह कर रहे हैं। मतोड़ा थाने के मुख्य आरक्षी चतुरसिंह राजपुरोहित ने बताया कि मूलतया जाखण पाटियों की ढाणी हाल जोधपुर बीजेएस कॉलोनी निवासी रणजीतसिंह पुत्र सालमसिंह की ओर से परिवाद पेश किया गया था। इसमें बताया गया कि जाखण निवासी लखसिंह सेना से सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी पहली प|ी मोहनकंवर का निधन होने के बाद उन्होंने वर्ष 1962 में बादल कंवर से दूसरी शादी की थी। इसके बाद पहली प|ी के बेटे किशन सिंह से बादल कंवर के संबंध अच्छे नहीं रहे, क्योंकि वे उन्हें अपना बेटा नहीं मानती थी। बादल कंवर की तीन संतान राणूसिंह, कालूसिंह व सुमेरसिंह थे। बादल कंवर ने पति और पहली प|ी के बेटे के निधन के बाद तीनों बेटों के साथ मिलकर जाली दस्तावेज तैयार कर खुद को मोहन कंवर बताते हुए मृत किशन सिंह की पेंशन एसबीआई ओसियां से और बादल कंवर बनकर पति लखसिंह की पेंशन ओसियां हॉस्पिटल रोड एसबीआई की शाखा से उठाती रहीं। परिवाद के अनुसार बादल कंवर ने मोहन कंवर के नाम से मतदाता परिचय पत्र, आधार कार्ड, राशन कार्ड भी बनवा लिए थे। जबकि, लखसिंह की मौत के बाद जाखण में स्थित कृषि भूमि खसरा नंबर 922 में अपना म्युटेशन बादल कंवर के नाम से दर्ज कराया। राणूसिंह ने राशन कार्ड में अपनी माता का नाम मोहन कंवर और भामाशाह कार्ड में बादल कंवर बताया है। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।

मतोड़ा | क्षेत्र के जाखण गांव में रहने वाले रिटायर्ड सैन्यकर्मी लखसिंह, जिन्होंने वर्ष 1975 में निधन से कुछ वर्ष पहले दूसरी शादी बादल कंवर से की थी। उनकी पहली प|ी मोहनकंवर का वर्ष 1955 में ही निधन हो गया था। पति की पेंशन हासिल करने के लिए तीन बेटों के साथ मिलकर बादल कंवर ने मोहन कंवर के नाम से दस्तावेज तैयार कराए और करीब 50 साल से पेंशन उठाती रही। अब इस मामले की शिकायत सामने आने पर मतोड़ा थाने में केस दर्ज किया गया है। इसकी जांच मतोड़ा थानाधिकारी अमरसिंह कर रहे हैं। मतोड़ा थाने के मुख्य आरक्षी चतुरसिंह राजपुरोहित ने बताया कि मूलतया जाखण पाटियों की ढाणी हाल जोधपुर बीजेएस कॉलोनी निवासी रणजीतसिंह पुत्र सालमसिंह की ओर से परिवाद पेश किया गया था। इसमें बताया गया कि जाखण निवासी लखसिंह सेना से सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी पहली प|ी मोहनकंवर का निधन होने के बाद उन्होंने वर्ष 1962 में बादल कंवर से दूसरी शादी की थी। इसके बाद पहली प|ी के बेटे किशन सिंह से बादल कंवर के संबंध अच्छे नहीं रहे, क्योंकि वे उन्हें अपना बेटा नहीं मानती थी। बादल कंवर की तीन संतान राणूसिंह, कालूसिंह व सुमेरसिंह थे। बादल कंवर ने पति और पहली प|ी के बेटे के निधन के बाद तीनों बेटों के साथ मिलकर जाली दस्तावेज तैयार कर खुद को मोहन कंवर बताते हुए मृत किशन सिंह की पेंशन एसबीआई ओसियां से और बादल कंवर बनकर पति लखसिंह की पेंशन ओसियां हॉस्पिटल रोड एसबीआई की शाखा से उठाती रहीं। परिवाद के अनुसार बादल कंवर ने मोहन कंवर के नाम से मतदाता परिचय पत्र, आधार कार्ड, राशन कार्ड भी बनवा लिए थे। जबकि, लखसिंह की मौत के बाद जाखण में स्थित कृषि भूमि खसरा नंबर 922 में अपना म्युटेशन बादल कंवर के नाम से दर्ज कराया। राणूसिंह ने राशन कार्ड में अपनी माता का नाम मोहन कंवर और भामाशाह कार्ड में बादल कंवर बताया है। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।

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