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गहलोत के घर में गुटबाजी!

कार्यशाला में अपने भाषण के दौरान शहर अध्यक्ष अंसारी ने अपनी दस साल पुरानी हार की पीड़ा बताई। वे कार्यकर्ताओं से...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 06, 2018, 04:56 AM IST

गहलोत के घर में गुटबाजी!
कार्यशाला में अपने भाषण के दौरान शहर अध्यक्ष अंसारी ने अपनी दस साल पुरानी हार की पीड़ा बताई। वे कार्यकर्ताओं से बोले, चुनाव हारने के बाद भी मैंने शिकायत नहीं की थी। मुझे पता है कि किसने बेइमानी की। शपथ लो कि बेइमानी नहीं करेंगे। वरना जिस तरह यूपी में कांग्रेस की हालत हुई है, वैसी ही राजस्थान में भी हो जाएगी। कुछ नेता सुन लें, डबल गेम खेलना बंद कर दें, वे अब भी कर रहे हैं। मेरे खून में गद्दारी नहीं हैं, सबको पता है गद्दार कौन है। हमें शपथ लेकर जाना होगा कि पार्टी के साथ ईमानदारी से जुटेंगे।

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पॉलिटिकल रिपोर्टर| जोधपुर

प्रदेश में कांग्रेस का मुख्यमंत्री चेहरा कौन होगा, इस पर दो धड़े साफ दिखाई देते हैं। परंतु पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के घर (जोधपुर) में ही गुटबाजी की बात उठे तो उन्हें भी यह कहना पड़ता है कि- मुख्यमंत्री कौन होगा, यह राहुल गांधी पर छोड़ दो। यह फैसला हाईकमान करता है और हाईकमान जैसा कहेगा वैसा ही करुंगा। शहर के सर्राफा बाजार ब्लॉक की ओर से आयोजित चुनावी कार्यशाला में गहलाेत को यह इसलिए कहना पड़ा क्योंकि शहर अध्यक्ष सईद अंसारी ने गुटबाजी की बात अपने भाषण में छेड़ दी। अंसारी ने कहा कि दस साल पहले उनके चुनाव में बेईमानी हुई थी मगर वे चुप रहे। गहलोत ने उनकी बात का समर्थन किया और कहा कि उन्होंने भी 1977 के बाद अब तक कुछ नहीं मांगा, बिना मांगे सब मिलता है। उन्हें पता है कि सीएम कैसे बनते हैं, दो-तीन स्टेट में तो उन्होंने सीएम बनाए हैं। इसलिए सीएम के चेहरे के नाम और टिकट की गुटबाजी छोड़कर चुनाव की तैयारियों में जुटने की जरूरत सबसे ज्यादा है। माहेश्वरी समाज के जनोपयोगी भवन में आयोजित कार्यशाला में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि चुनाव हारने के बाद नहीं बोलने की गहरी बात है। कांग्रेस के सच्चे सिपाही कभी नहीं बोलते, आप भी मेरी तरह बनो। किसी भी पद पर रहूं या नहीं, कांग्रेस का सितारा बुलंद करना ही प्राथमिकता है। अन्य वक्ताओं ने वोटर लिस्ट घर-घर जाकर जांचने व नाम जुड़वाने की प्रक्रिया बताई। प्रदेश महासचिव व जोधपुर प्रभारी सत्येंद्र भारद्वाज, प्रदेश महासचिव पुखराज पाराशर, वरिष्ठ कांग्रेस नेता कैलाश टाटिया, प्रदेश महासचिव पूर्व महापौर रामेश्वर दाधीच, पीसीसी सदस्य पवन मेहता, पूर्व जेडीए अध्यक्ष राजेंद्र सोलंकी, सुपारस भंडारी, गणपतसिंह चौहान, जाफरान ने विचार व्यक्त किए। सर्राफा बाजार ब्लॉक अध्यक्ष लियाकत अली रंगरेज ने स्वागत भाषण दिया।

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‘मुंह दिखाई करने आती हैं जोधपुर’

सीएम के जोधपुर नहीं आने पर भी गहलोत ने कटाक्ष किया। बोले- जिस तरह नई दुल्हन मुंह दिखाई करती है, वैसे ही वसुंधरा ने जोधपुर में मुंह दिखाई की। जोधपुर का बस इतना सा दोष है कि यहां मेरा विधानसभा क्षेत्र है। मैं यहां रहता नहीं हूं, फिर भी क्या तकलीफ है जोधपुर से। जोधपुर के काम रोकने की कोशिश की, हमने तो झालावाड़ में काम नहीं रोके थे। हमने शिलान्यास करके काम शुरू किए, आप तो सिर्फ फीते काट रही हैं।

कार्यक्रम में गहलोत के सम्मान में खड़े होने की अपील हुई तो सब खड़े होकर ताली बजाने लगे। अपनी सीट पर बैठे गहलोत ने मुस्कुराते हुए सभी को बैठने का इशारा किया।

‘विदाई यात्रा पर हैं वसुंधरा’

सीएम वसुंधरा राजे की राजस्थान गौरव यात्रा को लेकर कहा, ये सीएम की विदाई यात्रा है। 5 साल काम नहीं करके, अब यात्रा निकाल रही हैं और कह रही हैं कि- सरकार मत बदलो वरना काम अटक जाएगा। आप हमेशा के लिए ग्वालियर चले जाओ- प्रदेश में कभी काम नहीं अटकेगा।

‘शाह का बेटा तो मुझसे बड़ा जादूगर’

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह के संपत्ति विवाद पर गहलोत ने चुटकी लेते हुए कहा- पचास हजार रुपए से उनकी कंपनी के पास 80 करोड़ रुपए कैसे हो गए। ये तो जादू से हो सकता है, मुझसे बड़ा जादूगर कौन? वे तो मुझसे भी बड़े जादूगर बन गए। मैं तो सौ के पांच सौ रुपए करने का जादू दिखा सकता हूं, वे तो हजार को करोड़ों में बदल रहे हैं।

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