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मनुष्य की शोभा अच्छे वस्त्र या आभूषण से नहीं अच्छे गुण से होती है: महंत रामप्रसाद

Jodhpur News - कम्युनिटी रिपोर्टर | जोधपुर सूरसागर बड़ा रामद्वारा के महंत रामप्रसाद महाराज ने कहा, कि मनुष्य की शोभा अच्छे...

Dainik Bhaskar

Aug 13, 2018, 05:00 AM IST
मनुष्य की शोभा अच्छे वस्त्र या आभूषण से नहीं अच्छे गुण से होती है: महंत रामप्रसाद
कम्युनिटी रिपोर्टर | जोधपुर

सूरसागर बड़ा रामद्वारा के महंत रामप्रसाद महाराज ने कहा, कि मनुष्य की शोभा अच्छे वस्त्र या आभूषण धारण करने से नहीं होती है, बल्कि अच्छे गुणों से होती है। वे रविवार को गांधी मैदान में चल रहे भक्ति रस महोत्सव में साधकों को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा, कि जीवन में सुसंस्कारों की आवश्यकता है। अच्छे संस्कारों से ही जीवन सफल हो जाता है। महोत्सव में रविवार को गीता संस्कार शिविर का आयोजन किया गया। इसमें बालकों ने भाग लिया तथा गीता का 12वां अध्याय व नित्य पांच श्लोकों का पाठ तथा भजन गाकर श्रद्धालुओं काे मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर राधाकृष्ण महाराज ने मीरा की भक्ति के रोचक प्रसंगों का वर्णन करते हुए जीवन जीने के साधारण ढंग को राजस्थानी भाषा में समझाया। उन्होंने कहा, कि जीवन में व्यक्ति को स्नेह से रहना चाहिए। अपने परिवार के छोटे से छोटे सदस्य को भी स्नेहपूर्वक आदेश को इस प्रकार देना चाहिए कि उसे वह आदेश नहीं आग्रह लगे।

गांधी मैदान में 51 दिवसीय भक्ति रस महोत्सव का 12वां दिन, संतों ने किया साधकों का मार्गदर्शन।

राधा गोपाल महाप्रभु हिंडोले में विराजे, कथा में 56 करोड़ रुपए का मायरा भरा

नानी बाई रो मायरो कथा प्रसंग में महंत रामप्रसाद महाराज ने कहा, कि भक्तों की पुकार भगवान ही सुनते हैं। जब जब भक्तों ने पुकारा भगवान भक्तों के लिए तत्काल हाजिर हो जाते हैं। मायरे के प्रसंग में नरसी मेहता ने भगवान को पुकारा तो भगवान द्वारिकाधीश सांवल सेठ बनकर मायरा भरने के लिए प्रकट हो गए। सायंकाल में राधा गोपाल महाप्रभु को मायरे के हिंडोले में विराजित कर छप्पन करोड़ का मायरा भरने के प्रसंग का मार्मिक वर्णन किया।

श्री रामचरित मानस सामूहिक नवाह्न पारायण पाठ आज से

सोमवार से श्रीराम चरित मानस का सामूहिक नवाह्न पाठ का आयोजन आरती व पूजन के साथ प्रारंभ होगा। महंत रामप्रसाद महाराज ने बताया, कि 51 संत मंच पर संगीतमय पाठ करेंगे। पाठ का समय दोपहर 1 बजे से रहेगा। कार्यक्रम के दौरान राम जन्म, सीता राम विवाह, रामेश्वर पूजन के साथ राम राज्याभिषेक का उत्सव भी मनाया जाएगा।

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