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मौत से जूझती 2 दिन की नवजात को हॉस्पिटल लाए, पांच घंटे बाद छोड़ गए निष्ठुर माता-पिता

दो दिन की दूधमुंही बच्ची को इलाज के लिए उम्मेद अस्पताल लाए उसके माता-पिता छोड़कर चले गए। बच्ची के माता-पिता ने जो...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 13, 2018, 05:01 AM IST

मौत से जूझती 2 दिन की नवजात को हॉस्पिटल लाए, पांच घंटे बाद छोड़ गए निष्ठुर माता-पिता
दो दिन की दूधमुंही बच्ची को इलाज के लिए उम्मेद अस्पताल लाए उसके माता-पिता छोड़कर चले गए। बच्ची के माता-पिता ने जो नाम और गांव का एड्रेस बताया उस पर पुलिस ने पता किया, ना तो वो गांव अस्तित्व में मिला ना ही वो मां और बाप। रविवार को बच्ची छह दिन की हुई है। इधर पुलिस ने उम्मेद अस्पताल प्रशासन से बीमार बच्ची को अस्पताल लाने वाले माता-पिता के हुलिए के बारे में जानने के लिए अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज मांगे तो अस्पताल प्रशासन ने यह कहते हुए हाथ खड़े कर दिए कि उनके सीसीटीवी कैमरे तो चलते ही नहीं है। खांडा फलसा पुलिस थाना के एसआई पुखाराम के अनुसार गत 8 अगस्त को सुबह 4 बजे दो दिन उम्र की एक दूधमुंही बीमार बच्ची को उसके माता-पिता अस्पताल लेकर आए। बच्ची की नाजुक हालत को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने उसे आईसीयू में भर्ती कर लिया। बच्ची के माता-पिता ने स्वयं को गीता व दशरथसिंह निवासी नेरवा कला बताया। बच्ची को भर्ती करने के 5 घंटे बाद दोनों उसे हॉस्पिटल में छोड़कर फरार हो गए। सुबह से शाम तक बच्ची की देखभाल करने कोई नहीं आया तो आसपास मरीजों के रिश्तेदारों को संदेह हुआ। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को इसकी सूचना दी। इस पर अस्पताल प्रशासन ने उसके माता-पिता को खोजने की कोशिश की, लेकिन कोई नहीं मिला, ना ही कोई उसकी सुध लेने आया। इसके बाद चिकित्सा अधिकारी डॉ. कपिल राहेजा ने उसके माता-पिता के खिलाफ खांडा फलसा थाने में मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने माता-पिता के नाम और उनके द्वारा अस्पताल में दिए गए पते पर तलाश की तो ना वो गांव मिला, ना वो माता-पिता। फिलहाल अस्पताल प्रशासन इस बच्ची को बचाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहा है और पुलिस आरोपी माता-पिता की तलाश कर रही है।

जो एड्रेस बताया वो गांव ही नहीं है, नाम भी फर्जी बता गए अस्पताल के सीसी कैमरे खराब होने से पहचान भी नहीं हो पाई

नन्ही जान मानो हाथ जोड़ पूछ रही... मेरा क्या दोष, मुझे क्यों छोड़ गए?

जन्म के चंद घंटों बाद ही यूं हॉस्पिटल में छोड़ दी गई नन्ही की जिंदगी अब हॉस्पिटल स्टाफ और किस्मत के हवाले है। गंभीर हालत में हॉस्पिटल में अब संभालने वाला सिर्फ स्टाफ ही है। इतना ही नहीं, आगे कि जिंदगी पर भी बड़ा सा प्रश्नचिह्न लगा हुआ है। तस्वीर में भी नन्ही जान मानो हाथ जोड़कर पूछ रही है...मेरा क्या दोष, मुझे ऐसे क्यों छोड़ गए?

उम्मेद हॉस्पिटल के आधे से ज्यादा सीसी कैमरे खराब

उम्मेद हॉस्पिटल में आने जाने वाले लोगों व गतिविधियों पर नजर रखने के लिए प्रशासन ने 54 कैमरे लगवाए थे। हालांकि अभी स्थिति यह है कि आधे से ज्यादा कैमरे बंद पड़े हैं। यानी अस्पताल के अंदर क्या हो रहा है किसी भी कैमरे में कैद नही हो रहा। इस बारे में पूछने पर हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. रंजना देसाई ने कहा कि इस बारे में संबंधित फर्म को कई बार लिखित और मौखिक तौर पर कहा, लेकिन कुछ नहीं हुआ। डॉ. देसाई ने बताया कि अस्पताल में नए हाई एंड कैमरे लगाने की अनुमति मिली है। इसकी जल्द ही टेंडर प्रक्रिया होनी है। हमने यह निर्णय लिया है कि वर्तमान फर्म को नए टेंडर में शामिल नहीं किया जाएगा।

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