Hindi News »Rajasthan »Jodhpur »News» 71 साल 63 अकाल 0 आत्महत्या

71 साल 63 अकाल 0 आत्महत्या

गजेंद्रसिंह शेखावत, कृषि राज्यमंत्री अकाल के भी काल बन गए हमारे किसान मारवाड़ के किसानों ने देश की आजादी के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 03, 2018, 05:05 AM IST

  • 71 साल 
63 अकाल 
0 आत्महत्या
    +1और स्लाइड देखें
    गजेंद्रसिंह शेखावत, कृषि राज्यमंत्री

    अकाल के भी काल बन गए हमारे किसान

    मारवाड़ के किसानों ने देश की आजादी के 71 सालों में से 63 साल अकाल ही झेला है। जहां पीने का पानी नसीब होता था, बारिश की बूंदों के इंतजार में आंखें पथरा जाती थी, उस अकाल को भी यहां के किसानों ने अपने हौसलों से परास्त किया है। इतिहास गवाह है आज तक एक भी किसान ने आत्महत्या कर कायरता नहीं दिखाई है। विषमताओं में भी मजबूती से खड़े रहे, खेतों को नहरों से सींचा-धरती से कोख से पानी निकाल कर पिलाया और रेगिस्तान का हरा-भरा कर दिया। ग्वार-बाजरा, मूंग-गेहूं से आगे बढ़े और हर्बल व फ्रूट्स फार्म डवलप कर अपनी आर्थिक हालत भी कई गुणा बढ़ा ली। अब यहां का गरीब किसान नहीं, उन्नत किसान कहलाता है।

    दैनिक भास्कर जोधपुर संस्करण के 21 साल

    शीन काफ निजाम, शायर-साहित्यकार

    32% बढ़े यात्री, 3.50 लाख ने किया सफर

    देश के टॉप-5 में जोधपुर एयरपोर्ट

    सालाना 10 लाख से ज्यादा यात्री भार वाले देश के 51 एयरपोर्ट पर यात्री सुविधाओं के मामले में जोधपुर एयरपोर्ट टॉप 5 में शामिल हैं। ये बीते पांच सालों में लगातार रैंकिंग में सुधार हुआ है। जोधपुर पहले टॉप दस में भी शामिल नहीं था। वहीं जोधपुर से हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है। गत तीन साल में जोधपुर एयरपोर्ट से यात्रियों की संख्या में 32 फीसदी की ग्रोथ हुई हैं। गत साल ही जोधपुर से 3.50 लाख यात्रियों ने जोधपुर से सफर किया। वहीं पहले यहां से महज चार फ्लाइट का संचालन होता था, जो अब एक दर्जन से ज्यादा हैं। देश के बड़े शहरों के अलावा इंटर स्टेट कनेक्टिविटी से जोधपुर जुड़ गया हैं। टूरिस्ट सीजन में तो जोधपुर से फ्लाइट की संख्या दो दर्जन से ज्यादा हो जाती हैं।

  • 71 साल 
63 अकाल 
0 आत्महत्या
    +1और स्लाइड देखें
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×