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नरसी मेहता को बचपन से भक्ति के संस्कार मिले, जरूरत पर प्रभु ने भरा मायरा : रामप्रसाद

कम्युनिटी रिपोर्टर | जोधपुर बड़ा रामद्वारा के महंत रामप्रसाद महाराज ने कहा, कि भगवान और भक्तों की महिमा अनंत होती...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 09, 2018, 05:05 AM IST

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    कम्युनिटी रिपोर्टर | जोधपुर

    बड़ा रामद्वारा के महंत रामप्रसाद महाराज ने कहा, कि भगवान और भक्तों की महिमा अनंत होती है। वे बुधवार को गांधी मैदान में आयोजित 51 दिवसीय भक्ति रस महोत्सव के आठवें दिन नानी बाई रो मायरो कथा सुना रहे थे। उन्होंने कहा, कि नरसी मेहता को बाल्यावस्था में परिवार से धार्मिक संस्कार मिले। भक्ति का यह पौधा अब वट वृक्ष बन चुका था। जब-जब भक्तों का प्रसंग आता है, नरसी मेहता को भक्त शिरोमणि कहा जाता है। उन्होंने भगवान द्वारा नरसिंह मेहता की हूंडी सिकारने का प्रसंग सुनाते हुए कहा, कि भक्तों को जब-जब कष्ट आता है, वे दौड़े चले आते हैं और उन्हें मुसीबत से बचाते हैं।

    मीरा और मोहन का रिश्ता भक्ति की पराकाष्ठा : राधाकृष्ण महाराज

    इस अवसर पर गोवत्स राधाकृष्ण महाराज ने भक्ति की महत्ता का वर्णन किया। उन्होंने कहा, कि जब-जब भक्ति की बात आएगी मीरा और मोहन के रिश्ते को भक्ति की पराकाष्ठा कहा जाएगा। मीरा ने जगत की अनदेखी कर जगदीश का ध्यान लगाया। उनके जीवन में मोहन के प्रति जो भावना थी उसके चलते उन्होंने अपने परिवार और रिश्ते-बंधनों को भुला दिया। मीरा की भक्ति जगत को भक्ति का मार्ग दिखाती है। कथा प्रसंग में पूना के समाजसेवी सत्यप्रकाश जोशी ने संतों से आशीर्वाद लिया।

    खड़ी सप्ताह का आरती पूजन के साथ शुभारंभ

    गांधी मैदान में सात दिवसीय खड़ी सप्ताह शुरू हुआ। इस मौके पर महंत रामप्रसाद महाराज और राधाकृष्ण महाराज ने भगवान के विग्रह का पूजन कर आरती की। भक्त मंडली द्वारा प्रतिदिन अखंड हरिनाम संकीर्तन किया जा रहा है और शाम साढ़े सात बजे आरती की जा रही है। रात्रि आठ से दस बजे तक श्रावण महोत्सव के तहत झूलों का मनोरथ एवं भगवान की लीलाओं का मंचन किया जा रहा है।

    कथा सुनने के लिए गांधी मैदान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

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