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बार काउंसिल चेयरमैन व अन्य पदों के चुनाव 19 तक करवाएं, रिजल्ट घोषित नहीं करें : हाईकोर्ट

चुनाव स्थगित करने का मामला हाईकोर्ट पहुंचा, अगली सुनवाई 20 को लीगल रिपोर्टर | जोधपुर नामांकन से एक दिन पहले...

Dainik Bhaskar

Aug 03, 2018, 05:05 AM IST
चुनाव स्थगित करने का मामला हाईकोर्ट पहुंचा, अगली सुनवाई 20 को

लीगल रिपोर्टर | जोधपुर

नामांकन से एक दिन पहले बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के चेयरमैन सहित अन्य पदों के चुनाव स्थगित करने का मामला गुरुवार को राजस्थान हाईकोर्ट में पहुंच गया। बार काउंसिल के नवनिर्वाचित 13 सदस्यों ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चुनाव स्थगित करने के निर्देश को चुनौती दी। जस्टिस पीएस भाटी ने सुनवाई करते हुए 19 अगस्त तक रिशेड्यूल जारी कर चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के आदेश दिए, लेकिन चुनाव परिणाम घोषित करने पर रोक लगा दी। इस मामले में अगली सुनवाई 20 अगस्त मुकर्रर की है।

बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के चेयरमैन, डिप्टी चेयरमैन व संभागवार सात को-चेयरमैन के 5 अगस्त को चुनाव प्रस्तावित थे। 2 अगस्त को नामांकन प्रक्रिया शुरू होनी थी, लेकिन एक दिन पहले बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चुनाव स्थगित करने के निर्देश दिए। बीसीआई को चुनाव में पारदर्शिता नहीं होने की शिकायत मिली थी। इस आधार पर यह निर्णय लिया गया। मामले की जांच महाधिवक्ता व मौजूदा चेयरमैन एनएम लोढ़ा को सौंपी थी। एकाएक चुनाव स्थगित करने पर बार काउंसिल के नवनिर्वाचित तेरह सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताई और कोर्ट में इसे चुनौती दी। जस्टिस भाटी के समक्ष मेंशन करते हुए जल्दी सुनवाई का आग्रह किया, जिसे कोर्ट ने मान लिया और प्रारंभिक बहस सुनने के बाद बार काउंसिल और चेयरमैन को नोटिस जारी कर लंच तक सुनवाई स्थगित कर दी।

परिणाम को घोषित नहीं कर लिफाफे में रखने के निर्देश

नवनिर्वाचित सदस्य राजेश पंवार सहित तेरह सदस्यों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एमएस सिंघवी ने बहस करते हुए कोर्ट को बताया, कि बार काउंसिल के सदस्यों के चुनाव के बाद गुरुवार को चेयरमैन, डिप्टी चेयरमैन व सात को-चेयरमैन के चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होनी थी, लेकिन बीसीआई ने एक दिन पहले बिना किसी ठोस कारण के चुनाव स्थगित करने के निर्देश दे दिए, जो अनुचित है। उन्होंने बीसीआई का आदेश अपास्त करने का आग्रह किया। महाधिवक्ता व बीसीआर चेयरमैन की ओर से पेश हुए एएजी श्यामसुंदर लदरेचा से कोर्ट ने चुनाव स्थगित करने के संबंध में पूछा तो उन्होंने बताया, कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश की पालना में बीसीआई के आदेश पर चुनाव का शैड्यूल तय किया गया था। जबकि बीसीआई ने स्थगित करने का निर्देश दिया तो उसे स्थगित कर दिया। वे बीसीआई के निर्देशों को फॉलो करते हैं।

वहीं नवनिर्वाचित सदस्य रणजीत जोशी व शिकायतकर्ता डॉ. महेश शर्मा ने भी पक्षकार बनने का प्रार्थना पत्र पेश किया, जिसे स्वीकार कर लिया। जोशी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एमआर सिंघवी ने बहस करते हुए कहा, कि चुनाव नियमानुसार व विधि सम्मत होने आवश्यक हैं। बीसीआई को अगर कोई शिकायत मिली है तो उसकी जांच होना भी जरूरी है। बार काउंसिल ऑफ राजस्थान पूरे प्रदेश के वकीलों का संगठन है, ऐसे में इसके चेयरमैन व अन्य पदों के चुनाव में गड़बड़ी की शिकायत को हल्के में नहीं लिया जा सकता। जांच रिपोर्ट के बाद ही चुनाव हो। सभी पक्ष सुनने के बाद जस्टिस भाटी ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के आदेश पर रोक लगा दी। एएजी लदरेचा से पूछा, कि वे कब तक चुनाव करवा लेंगे? इस पर उन्होंने एक सप्ताह की मोहलत मांगी। कोर्ट ने 19 अगस्त तक चुनाव प्रक्रिया पूरी कर 20 अगस्त को पालना रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। साथ ही परिणाम को घोषित नहीं कर उसे बंद लिफाफे में रखने के लिए कहा है।

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