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प्वाइंट्स के आधार पर हो दुनिया की करेंसी, बैंक से ही हो ट्रांजेक्शन

यूएन की आर्थिक एवं वित्त समिति के अंतर्गत क्रिप्टो करेंसी पर चर्चा चल रही थी। मेंबर कंट्रीज एक के बाद एक सुझाव दे...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 13, 2018, 05:06 AM IST

प्वाइंट्स के आधार पर हो दुनिया की करेंसी, बैंक से ही हो ट्रांजेक्शन
यूएन की आर्थिक एवं वित्त समिति के अंतर्गत क्रिप्टो करेंसी पर चर्चा चल रही थी। मेंबर कंट्रीज एक के बाद एक सुझाव दे रहे थे ताकि इंटरनेशनल लेवल पर एक ही करेंसी चलन में रहे। कई मेंबर्स ने कहा कि सभी देश अपने स्तर पर इस करेंसी के बारे में डिसीजन लें तो कई देश इस करेंसी की वर्ल्डवाइड एक्सेप्टेंस के पक्ष में थे। इथोपिया के रिप्रेजेंटेटिव ने सुझाव दिया कि करेंसी पॉइंट्स फॉर्म में हो और इनका ट्रांजेक्शन सीधा बैंक एकाउंट से हो। हर ट्रांजेक्शन पर फिक्स रेट से टैक्स ले सकते हैं। इस तरह कैशलेस इकॉनोमी लागू हो गई तो टेरर फंडिंग और अन्य गंभीर समस्याएं दूर हो सकती हैं। गहन डिस्कशन के बाद सभी मेंबर्स ने सर्वसम्मति से एक नियामक संस्था के फाॅर्मेशन पर सहमति बनाई ताकि एक सेंट्रलाइज्ड क्रिप्टो करेंसी की शुरूआत की जा सके जो सभी देशों में मान्य हो। हैड बॉय और सेक्रेटरी जनरल रोहन सिंघवी ने कहा कि एमयूएन में आठ कमेटियों के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन ने अपने-अपने एजेंडों के साथ डिस्कशन शुरू किया। रिजॉल्यूशन सेशन के दौरान पार्टिसिपेंट्स ने अपने-अपने देश को रिप्रेजेंट करते हुए अपने विचारों से कार्यकारी परिसर को अवगत करवाया। डीपीएस में चल रही एमयूएन के अंतिम दिन की शुरुआत पेपर प्रेजेंटेशन और सॉल्यूशन सेशन से हुई। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में सशस्त्र बलों के सुधार पर चर्चा की गई। मेंबर्स ने कहा कि संसद की ओर से बनाए गए एएफएसपीए एक्ट के अंतर्गत देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा दोनों ही समान रूप से महत्वपूर्ण है। बॉर्डर पर और देश की आंतरिक परिस्थितियों को देखते हुए इस एक्ट में किसी भी प्रकार के बदलाव कर सशस्त्र बलों की ताकत को कमजोर नहीं किया जाना चाहिए। लोकसभा के सदस्यों ने जेंडर इक्वेलिटी और विमन एंपावरमेंट विषयों पर हेल्दी डिस्कशन किया। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने दुनिया में चल रहे माइग्रेशन इश्यू पर विचार-विमर्श किए।

सत्ता पक्ष की एक विमन मेंबर का कहना था कि महिलाअों से जुड़े मुद्दे सेंसिटिव होते हैं और कम से कम इन पर सभी पार्टियों की सोच एक जैसी होनी चाहिए। अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान राहुल गांधी अपना पक्ष रखने के बाद सीधे अपनी पीएम माेदी की तरफ बढ़े और उन्हें यह कहते हुए गले लगा लिया कि सरकार चाहे किसी भी पार्टी की हो, नफरत नहीं... प्रेेम और भाईचारे से जनता का दिल जीत सकती है।

एमयूएन में पीएम मोदी v/s राहुल गांधी मोमेंट

क्लोजिंग सेरेमनी में बेस्ट वक्ताओं का किया सम्मान

शाम को क्लोजिंग सेरेमनी हुई। चीफ गेस्ट जेएनवीयू सांयकालीन सत्र के पूर्व निदेशक डॉ. प्रताप सिंह भाटी थे। उन्होंने कहा, स्टूडेंट्स जिस तरह से ग्लोबल और नेशनल इश्यूज पर डिस्कशन कर रहे थे, वह वाकई में प्रभावित करने वाला था। इन स्टूडेंट्स को देख कर लगता है इनमें से कई सिविल सर्वेंट्स बनेंगे, कई जर्नलिस्ट्स तो हो सकता है कोई यूएन में भारत को रिप्रेजेंट करे। प्रिंसीपल बीएस यादव ने कहा कि स्टूडेंट्स की उपलब्धियों से टीचर्स काे जो खुशी मिलती है उसे बयान करना भी मुश्किल है। श्रेष्ठ वक्ता के रूप में फ्रांस के प्रतिनिधि दिवांश सिंह, रशिया के प्रतिनिधि वंश भटनागर, सिरिया के प्रतिनिधि संस्कार जैन, बेस्ट रिपोर्टर सौरभ को सम्मानित किया गया। लोकसभा के अंतर्गत छात्र करणवीर, ओवेसी बने छात्र अर्णव, राहुल गांधी बने छात्र नैवेद्य, आॅल इंडिया पार्टी मीट में बेस्ट प्रतिनिधि कार्तिकेय को सम्मानित किया गया। रनिंग ट्रॉफी से इस बार विद्याश्रम स्कूल के डेलिगेशन को सम्मानित किया गया। एमयूएन-2018 के निदेशक प्रदीप पुरोहित ने वोट ऑफ थैंक्स दिया।

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