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डॉ. चौहान को प्राचार्य पद से हटाया अब विभागाध्यक्ष भी नहीं बन सकते

प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों में सत्र शुरू होते ही राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी (राजमेस) के अंतर्गत पांच मेडिकल...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 10, 2018, 05:10 AM IST

प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों में सत्र शुरू होते ही राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी (राजमेस) के अंतर्गत पांच मेडिकल कॉलेज के प्राचार्यों का बुधवार देर रात आदेश जारी कर फेरबदल किया। सरकार ने नए मेडिकल कॉलेजों को शुरू करने के लिए डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज एनेस्थिसिया विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दिलीपसिंह चौहान को पाली मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य पद पर लगाया था, जिनको हटाकर सरकार द्वारा चयनित डॉ. केसी अग्रवाल को पाली मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य पद पर लगाया गया है। डॉ. चौहान अब 62 वर्ष की उम्र पूरी होने के चलते विभागाध्यक्ष भी नहीं बन सकते हैं।

पूर्व में डॉ. चौहान के पास डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज एनेस्थिसिया के विभागाध्यक्ष और अतिरिक्त प्राचार्य प्रथम का पदभार था। गौरतलब है कि गत 7 जून को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित चयन समिति द्वारा लिए गए साक्षात्कार में चयनित डॉक्टरों को पाली समेत पांच मेडिकल कॉलेज में दो वर्ष के लिए लगाया गया था। इससे पूर्व डॉ. अग्रवाल अजमेर मेडिकल कॉलेज में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत थे और डेढ़ साल पहले ही वहां से सेवानिवृत्त हुए। राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी द्वारा जारी आदेशानुसार डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. शलभ शर्मा को यथावत रखा गया है। डॉ. शर्मा को डूंगरपुर का अतिरिक्त चार्ज दिया हुआ था। इनके अलावा डॉ. पीके सारस्वत को भरतपुर, डॉ. राजन नंदा को भीलवाड़ा, डॉ. शिवलाल सोलंकी को चूरू मेडिकल कॉलेज लगाया गया है। आदेशानुसार इन सभी का कार्यकाल कार्यग्रहण करने की तिथि से 2 वर्ष का होगा। उक्त कार्यकाल में एक बार एक वर्ष के लिए वृद्धि की जा सकेगी।

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