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तेज हवा से रोजाना 500 लाख यूनिट तक पैदा हो रही विंड पाॅवर, प्रदेश के पास सरप्लस बिजली

पश्चिमी राजस्थान भले इन दिनों मानसून के ब्रेक लेने से बारिश नहीं हा रही है, लेकिन मानसून की तेज हवाओं से बढ़ी विंड...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 09, 2018, 05:10 AM IST

  • तेज हवा से रोजाना 500 लाख यूनिट तक पैदा हो रही विंड पाॅवर, प्रदेश के पास सरप्लस बिजली
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    पश्चिमी राजस्थान भले इन दिनों मानसून के ब्रेक लेने से बारिश नहीं हा रही है, लेकिन मानसून की तेज हवाओं से बढ़ी विंड मिल के पंखों की रफ्तार से रिकाॅर्ड बिजली का उत्पादन हो रहा हैं। बीते एक सप्ताह में औसत 500 लाख यूनिट (एलयू) तक बिजली का उत्पादन सिर्फ पवन ऊर्जा से हो रहा है, जबकि गत साल अगस्त के पहले सप्ताह में सिर्फ 300 से 350 लाख यूनिट तक ही बिजली का उत्पादन हुआ था। ये सिर्फ 30 से 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही हवा से संभव हो पाया हैं। इसके चलते राजस्थान के पास इन दिनों सरप्लस बिजली मौजूद हैं। प्रदेश में रोजाना 2300 एलयू तक बिजली की खपत हो रही है, लेकिन 2558 एलयू बिजली उपलब्ध हैं। इसके चलते पाॅवर एक्सचेंज में राजस्थान बिजली बेचने के लिए बिड लगाई हैं। औसतन ढाई से तीन रुपए तक में अतिरिक्त बिजली बेची जा रही हैं। देश भर में विंड पाॅवर उत्पादन करने वाले राज्यों में इन दिनों राजस्थान में सर्वाधिक बिजली बन रही हैं। राजस्थान ऊर्जा विकास निगम के चीफ इंजीनियर एमएम रिणवा ने बताया कि इन दिनों विंड मिल से अतिरिक्त बिजली का उत्पादन हो रहा हैं। कई बार तो रियल टाइम पाॅवर प्लांट को कुछ देर के लिए बंद भी करवाए गए थे। वहीं ज्यादा बिजली बेची जा रही हैं।

    इस बार अगस्त के पहले सप्ताह में रिकाॅर्ड तोड़ बिजली का उत्पादन

    देश के टॉप 5 विंड उत्पादक राज्य व कुल उत्पादन क्षमता

    361

    299

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    28

    पहले संकट से उबारा, अब पाॅवर सेल स्टेट

    आठ साल पहले राजस्थान में बिजली में बिजली संकट था। रोजाना 300 लाख यूनिट बिजली की कमी थी। ऐसे में राजस्थान में शहरों में बिजली कटौती आम बात थी, तब मजबूरन 20 रुपए प्रति यूनिट भी राजस्थान ने बिजली खरीदी थीं। इसके बाद चार साल पहले अब स्थिति उलट हैं। पांच साल पहले दो बार उत्तरी ग्रिड फेल हो गय था, तब राजस्थान को विंड एनर्जी ने उबारा था। उस समय विंड के कारण ही अतिरिक्त बिजली रोजाना तीन सौ लाख यूनिट तक मिली थीं।

    343

    29

    जुलाई

    482

    427

    285

    30

    31

    34043मेगावाट

    515

    499

    01

    02

    506

    03

    04

    अगस्त

    राजस्थान में 20 बिजली उत्पादन केंद्र

    तमिलनाडू

    8197 मेगावाट

    गुजरात

    5613 मेगावाट

    महाराष्ट्र

    4784 मेगावाट

    कर्नाटक

    4509 मेगावाट

    राजस्थान

    4298 मेगावाट

    508

    05

    अभी रोजाना 2500 एलयू तक उत्पादन हो रहा है, जबकि खपत 2300 एलयू के आसपास ही है। ऐसे में दो सौ से ढाई सौ यूनिट राजस्थान के पास उपलब्ध हैं। राजस्थान अब पावर सेल करने वाला स्टेट बन गया हैं।

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