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पांच सदस्यीय कमेटी करेगी ठेका फर्म के झूठे शपथ-पत्र पेश करने की जांच

इन्फ्रा रिपोर्टर. जोधपुर| जेडीए में अनियमितता के आरोप में तीन साल के लिए डी-बार हुई ठेका फर्म मातेश्वरी...

Dainik Bhaskar

Aug 07, 2018, 05:16 AM IST
पांच सदस्यीय कमेटी करेगी ठेका फर्म के झूठे शपथ-पत्र पेश करने की जांच
इन्फ्रा रिपोर्टर. जोधपुर| जेडीए में अनियमितता के आरोप में तीन साल के लिए डी-बार हुई ठेका फर्म मातेश्वरी कंस्ट्रक्शन कंपनी के टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लेकर झूठा शपथ पत्र पेश करने के मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। मुख्य अभियंता सहित पांच सदस्यीय कमेटी को पूरे मामले की जांच कर सात दिन में रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है। कमेटी इस मामले की जांच के दौरान ठेका फर्म का भी पक्ष सुनेगी आैर अपनी रिपोर्ट महापौर को पेश करेगी। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। हालांकि इस मामले में निगम अफसर ठेका फर्म को ब्लैक लिस्टेड करने आैर टेंडर प्रक्रिया दुबारा करने के मूड में ज्यादा नजर आ रहे हैं।

आयुक्त दुर्गेश कुमार बिस्सा का कहना है कि अगर कोई ठेका फर्म एक जगह से डी-बार होती है तो वह किसी भी सरकारी विभाग में जितने साल के लिए डी-बार हुई है, तब तक टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सकती है। जेडीए में तीन साल के लिए डी-बार हुई ठेका फर्म के नगर निगम की टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लेकर 7 करोड़ के काम लेने के मामले में पेश किए गए शपथ पत्र को झूठा बताया था, लेकिन ठेका फर्म के मालिक अमरसिंह ने स्पष्ट कर दिया कि उसने निगम में पेश किए गए शपथ पत्र के पैरा 15 व 16 में स्पष्ट किया था कि वह जेडीए से डी-बार है। ठेका फर्म के स्पष्टीकरण के बाद आयुक्त बिस्सा ने कहा कि अगर ठेका फर्म ने शपथ पत्र में जानकारी नहीं छिपाई है तो जिन अफसरों की लापरवाही से ऐसा हुआ, उन पर निगम कार्रवाई करेगा। अफसर अगर शपथ पत्र अच्छी तरह पढ़ लेते तो यह ठेका फर्म टेंडर प्रक्रिया का हिस्सा ही नहीं बन पाती। टेंडर प्रक्रिया के पहले ही वह इस प्रक्रिया से आउट हो जाती।

ठेका फर्म के इस खुलासे के बाद जब दैनिक भास्कर ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो महापौर घनश्याम आेझा ने तत्काल पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित करते हुए मुख्य अभियंता सुमनेश माथुर, एसई संपतलाल मेघवाल, मुख्य लेखाधिकारी तरुण कोहली, एक्सईएन राहुल गुप्ता व सहायक विधि परामर्शी कृपावती हर्ष को सदस्य के रूप में शामिल किया है। निगम आयुक्त का कामकाज संभाल रहे जेडीए आयुक्त बिस्सा ने 3 अगस्त को जेडीए से तीन साल के लिए डी-बार हुई ठेका फर्म मातेश्वरी कंस्ट्रक्शन कंपनी की 7 करोड़ के विकास कार्य के वर्कऑर्डर की पत्रावली हस्ताक्षर के लिए आई तो उन्होंने ठेका फर्म की इस करतूत को पकड़ लिया था।

6 अगस्त

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