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दंपती का आरोप- मूवी टिकट के साथ पॉपकॉर्न के 50 रु. भी वसूले इनकार पर बोले- अनिवार्य है, अब उपभोक्ता मंच ने मांगा जवाब

शास्त्री नगर स्थित एक मल्टीप्लेक्स में दो दंपती मूवी देखने पहुंचे तो टिकट के साथ पॉपकॉर्न के भी 50 रुपए वसूल लिए। जब...

Dainik Bhaskar

Aug 07, 2018, 05:20 AM IST
शास्त्री नगर स्थित एक मल्टीप्लेक्स में दो दंपती मूवी देखने पहुंचे तो टिकट के साथ पॉपकॉर्न के भी 50 रुपए वसूल लिए। जब इस बारे में पूछा तो कहा गया, कि टिकट के साथ पॉपकॉर्न लेना तो अनिवार्य है। जब उन्होंने कहा, कि उन्हें पॉपकॉर्न नहीं खाना है और न ही खाने की इच्छा है तो उन्हें सलाह दी कि कोल्डड्रिंक या आइसक्रीम ले लो, पॉपकॉर्न के पैसे तो वापस नहीं मिलेंगे। जब कोल्डड्रिंक के दाम पूछे तो बाजार दर से बहुत ज्यादा थे। इस पर दंपती ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष मंच जोधपुर की शरण ली। मंच ने केंद्र सरकार, केंद्रीय उपभोक्ता मामलात, खाद्य व नागरिक आपूर्ति सचिव, राज्य के मुख्य सचिव, जिला कलेक्टर, वाणिज्यिक कर उपायुक्त व मिराज बायोस्कोप सिनेमा प्रबंधन को नोटिस जारी कर 29 अगस्त को जवाब तलब किया है।

90 रु. की टिकट, 140 वसूले

परिवादी अनिल भंडारी, उर्मिला भंडारी, शांतिचंद व रंजू जैन ने एक परिवाद दायर कर प्रतितोष मंच को बताया, कि गत 24 मई को मिराज सिनेमा बायोस्कोप में मूवी देखने के 4 टिकट ऑनलाइन बुक करवाए। उन्हें 90 रुपए की दर के टिकट दिए गए, जबकि बुकिंग में 140 रुपए वसूल किए गए थे। इस संबंध में बुकिंग क्लर्क से पूछा तो बताया गया, कि सभी को अनिवार्य रूप से 50 रुपए का पॉपकॉर्न लेना होगा। परिवाद में कहा गया, कि उन्हें कागज के गत्ते में 50 ग्राम पॉपकॉर्न दी गई, जो बाहर आसानी से 5 से 10 रुपए में मिल जाती है।

सिनेमाघर सेंसर में

सिनेमा प्रबंधन के इस रवैये को उपभोक्ता मंच में दी चुनौती, 29 अगस्त तक जवाब पेश करना होगा

मल्टीप्लेक्स में खाद्य पदार्थो के 5 गुणा भाव

उन्होंने कहा, कि सिनेमेटोग्राफ एक्ट 1952 में सिनेमा हॉल में खाने पीने का सामान ले जाने के लिए दर्शकों को किसी तरह का निषेध नहीं किया हुआ है, फिर भी सिनेमा प्रबंधन दर्शकों को खाने-पीने की चीजें ले जाने नहीं देते। यहां तक कि पानी की बोतल भी ले जाने में भी काफी अड़चन डालते हैं। उन्होंने कहा, कि दर्शकों को मजबूरी में सिनेमा हॉल बल्कि मल्टीप्लेक्स में पांच-पांच गुना भाव से भारी कीमत चुकाकर खाद्य पदार्थ लेने को बाध्य होना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन, रसद अधिकारी, वाणिज्य कर विभाग के अधिकारी सभी अपने कर्तव्य से विमुख होकर आंख मूंदकर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार, राज्य सरकार, केंद्रीय उपभोक्ता मामलात, जिला कलेक्टर, वाणिज्यिक कर विभाग को निर्देश दिया जाए कि वे सुनिश्चित करें कि मल्टीप्लेक्स सिनेमा हॉल प्रबंधन दर्शकों को खाद्य पदार्थ ले जाने से नहीं रोकें और यह भी देखें कि सिनेमा हॉल में मिलने वाले खाद्य पदार्थों की कीमत गैर वाजिब न होकर वाजिब दर में मिले। परिवाद में यह भी आग्रह किया गया, कि जिला कलेक्टर व उपायुक्त वाणिज्यिक कर यह भी देखें कि टिकट की दर सिनेमा प्रबंधन अपनी मनमर्जी से तय नहीं करें।

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