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रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं करनी थी तो आयोग बना पब्लिक मनी क्यों वेस्ट की?: कोर्ट / रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं करनी थी तो आयोग बना पब्लिक मनी क्यों वेस्ट की?: कोर्ट

News - राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नंद्राजोग व न्यायाधीश दिनेश मेहता की खंडपीठ में सोमवार को मेहरानगढ़...

Bhaskar News Network

Aug 07, 2018, 05:20 AM IST
रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं करनी थी तो आयोग बना पब्लिक मनी क्यों वेस्ट की?: कोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नंद्राजोग व न्यायाधीश दिनेश मेहता की खंडपीठ में सोमवार को मेहरानगढ़ दुखांतिका की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने के मामले में सुनवाई हुई। कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि जब रिपोर्ट सार्वजनिक ही नहीं करनी थी, फिर आयोग गठित करने पर पब्लिक मनी क्यों बर्बाद की? कोर्ट ने यह भी कहा कि रिपोर्ट के अनुसार सरकार कदम भी उठाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं ना हो। याचिकाकर्ता मानाराम की ओर से अधिवक्ता विजय मेहता ने जनहित याचिका दायर कर वर्ष 2008 में मेहरानगढ़ दुर्ग में हुए हादसे की जांच के लिए गठित जांच आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं करने का मुद्दा उठाया था। याचिका में बताया गया कि वर्ष 2011 में आयोग ने रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी, लेकिन सरकार ने सात साल बाद भी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की है। इस मामले में सोमवार को फिर सुनवाई हुई।

सरकार की ओर से महाधिवक्ता एनएम लोढ़ा व एएजी पीआर सिंह जोधा पेश हुए। कोर्ट ने मौखिक रूप से पूछा कि अभी तक रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की गई। जिस जगह पर ट्रेजडी हुई है, कमीशन गठित किया है, कमीशन ने रिपोर्ट दी है, उसके अनुसार सरकार ने क्या कदम उठाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं ना हो। अगर रिपोर्ट सार्वजनिक ही नहीं करनी थी, फिर कमीशन गठित करने में पब्लिक मनी क्यों वेस्ट की गई। सरकार की ओर से मोहलत मांगने पर कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई 25 सितंबर मुकर्रर की है।

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