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भावी डॉक्टरों को दूरबीन से सर्जरी की बारीकियां बताईं

डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अजय मालवीय ने कहा कि लेप्रोस्कोपी सर्जरी में सबसे मुख्य...

Dainik Bhaskar

Aug 11, 2018, 05:25 AM IST
भावी डॉक्टरों को दूरबीन से सर्जरी की बारीकियां बताईं
डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अजय मालवीय ने कहा कि लेप्रोस्कोपी सर्जरी में सबसे मुख्य मरीज के पेट को फूलाना होता है। लेप्रोस्कोपी के पिता हर देश और शहर में मिल जाएंगे, लेकिन इस पद्धति की मां न्यूमोपेरीटोरियम है, जिसके चलते मरीज का पेट फूलना संभव हुआ। जिस प्रकार बिना पेट फूले नया जीवन उत्पन्न नहीं होता है, उसी प्रकार पेट में हवा भरकर फुलाने पर ही लेप्रोस्कोपी तकनीक उत्पन्न हुई। वे शुक्रवार को डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के लेक्चर थिएटर में मेडिकल कॉलेज और श्रीराम हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वावधान में शुरू हुए 56वें एएमएएसआई स्किल कोर्स और एफएमएएस-2018 परीक्षा में देश भर से आए सर्जन और पीजी स्टूडेंट्स को सं‍बोधित कर रहे थे। डॉ. मालवीय ने पुराने समय को याद करते हुए कहा कि गांव में दूरबीन से नसबंदी करने के लिए साइकिल के पंप से हवा भरकर पेट फुलाया जाता था, लेकिन अब कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य कई पद्धतियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने पेट में हवा भरने के अलग तरीके, सावधानियां और उत्पन्न होने वाली जटिलताओं व उपचार के बारे में बताया।

आयोजन समिति सचिव डॉ. सुनील चांडक ने बताया कि देशभर से 150 से ज्यादा सर्जन इस कोर्स के लिए आए हैं। तीन दिवसीय एएमएएसआई स्किल कोर्स और एफएमएएस-2018 परीक्षा में दो दिन सर्जन नए डॉक्टर और पीजी कर रहे रेजिडेंट्स को लेप्रोस्कोपी की बेसिक बारीकियां बताएंगे। तीसरे दिन कोर्स में आए पीजी रेजिडेंट्स की परीक्षा लेकर कोर्स के प्रमाण-पत्र दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पहले दिन विशेषज्ञों ने बेसिक बारीकियां बताईं, साथ ही प्रैक्टिकल के लिए हैड्स ऑन ट्रेंनिग भी कराई। शनिवार को देश भर से आए विशेषज्ञ लेप्रोस्कोपी में आई नई तकनीक और अपने अनुभव साझा करेंगे।

डॉ. अजय मालवीय

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