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देश का सबसे बड़ा डिजास्टर रिकवरी डाटा सेंटर जोधपुर में भूकंप, बाढ़ जैसी आपदाओं में भी सेफ रहेगा प्रदेश के 170 विभागों के पोर्टल का पूरा डेटा

इस साइट पर डिजिटल सिग्नेचर (डोंगल के माध्यम से किए जाते थे) के नए रूप आधार बेस्ड ‘ई-सिग्नेचर’ का डाटा सेंटर भी...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 02, 2018, 05:36 AM IST

  • देश का सबसे बड़ा डिजास्टर रिकवरी डाटा सेंटर जोधपुर में 
भूकंप, बाढ़ जैसी आपदाओं में भी सेफ रहेगा प्रदेश के 170 विभागों के पोर्टल का पूरा डेटा
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    इस साइट पर डिजिटल सिग्नेचर (डोंगल के माध्यम से किए जाते थे) के नए रूप आधार बेस्ड ‘ई-सिग्नेचर’ का डाटा सेंटर भी जोधपुर में स्थापित किया जा चुका है। ऐसा संभवतः भारत में किसी भी राज्य का पहला डेटा सेंटर है। इसके माध्यम से आमजन व सरकारी विभागों के अधिकारियों को डॉक्यूमेंट्स पर ई-सिग्नेचर की सुविधा मिल भी रही है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में स्थापित सर्वर को क्रिटिकल कैटेगरी में शामिल करते हुए ट्रिपल लेयर सिक्युरिटी के इंतजाम भी किए गए हैं। आईटी एक्सपर्ट्स की टीम दिन-रात डीआरडीसी के सिक्यूरिटी एप्लिकेशन व हार्डवेयर के माध्यम से डाटा की सुरक्षा को सुनिश्चित कर रहे हैं।

    मौजूदा व भविष्य की मांग के अनुरूप डिजाइन किया गया है डाटा सेंटर

    50करोड़

    से ज्यादा शुरूआती लागत, डाटा सेंटर का औपचारिक उद्घाटन

    100

    से ज्यादा आईटी प्रोफेशनल दिन-रात देंगे डवलपमेंट एंड सिक्यूरिटी सर्विसेज

    हर इक्यूपमेंट का बेकअप

    2.5मेगावाट की क्षमता वाली डीआर साइट पर डिस्कॉम के दो अलग-अलग सब-स्टेशन से डायरेक्ट दो कनेक्शन। साइट पर दोनों के लिए खुद के अत्याधुनिक ट्रांसफार्मर। इन दोनों से भी बिजली बंद हो जाए तो विशालकाय दो डीजी सेट, जो लाइट बंद होने के तत्काल बाद ऑटोमेटिकली स्टार्ट हो जाएंगे। लाइट वापस आने पर स्वत: बंद भी हो जाएंगे।

    ये तमाम उपकरण कप्यूटराइज्ड हैं और एक्सपर्ट्स की टीम 24 घंटे इनकी हर एक गतिविधि पर नजर रख रही है।

    इस डाटा सेंटर का डिजाइन प्रदेश की वर्तमान और भविष्य की मांग को देखते हुए ही बनाया गया है। आने वाले दिनों में यहां कई और उपकरण इंस्टाल किए जाएंगे। फिलहाल, इस डाटा सेंटर पर इंस्टालेशन और 5 वर्षों के लिए मेंटिनेंस का काम आईबीएम के विशेषज्ञों द्वारा किया जा रहा है। सेंटर के सर्वर फार्म एरिया में 80 रैक की क्षमता है। इनमें 40 पेटा बाइट से ज्यादा की स्टोरेज कैपेसिटी है। -मनीष भाटी, उप निदेशक (डीओआईटी)

    क्या है डिजास्टर रिकवरी

    40पेटा बाईट से ज्यादा की स्टोरेज क्षमता

    कुदरती कहर जैसे भूकंप, आंधी-तूफान, बाढ़, अतिवृष्टि के अलावा साइबर अटैक, वाइरस अटैक इत्यादि होने के बाद सरकार की कोई भी योजना, जो आमजन से जुड़ी हो या विभागीय, वे ठप नहीं हो, इसके लिए किए जाने वाले इंतजाम डिजास्टर रिकवरी कहा जाता है। वर्तमान में राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराने वाले दो डाटा सेंटर जयपुर में संचालित हो रहे हैं। वहां किसी भी तरह की आपातकालीन परिस्थितियां उत्पन्न होने की सूरत में जोधपुर स्थित डिजास्टर रिकवरी डाटा सेंटर ऑटोमैटिकली उन सेवाओं का संचालन करने लग जाएगा। आमजन को इसका पता भी नहीं चलेगा और न ही उन्हें कोई परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

    ताकि, एक में कोई तकनीकी खराबी पर दूसरा स्वत: ही काम करने लगे

    750केवीए

    के दो यूपीएस रूम, दोनों के लिए अलग-अलग बैटरी रूम

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