बाड़मेर / नवजीवन संजीवनी कोऑपरेटिव सोसायटी ने 20 से 25% ब्याज वसूला, 4 लाख निवेशकों के ‌‌1300 करोड़ डूबे



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  • बाड़मेर समेत प्रदेशभर में सोसायटियों की शाखाओं से व्यापारियों व अन्य लोगों को ऋण बांटा गया
  • ग्राहकों से 20 से 25 फीसदी ब्याज वसूला गया, नियमित किश्तें नहीं चुकाने पर पैनल्टी तक वसूली

Dainik Bhaskar

Sep 16, 2019, 02:49 PM IST

बाड़मेर (पूनमसिंह राठाैड़). देश में सबसे बड़ा आदर्श क्रेडिट-को-ऑपरेटिव सोसायटी महाघोटाले के बाद प्रदेश की दूसरी बड़ी सोसायटी संजीवनी व नवजीवन क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी में चार लाख निवेशकों के 1300 करोड़ रुपए डूब गए। बाड़मेर समेत प्रदेशभर में सोसायटियों की शाखाओं से व्यापारियों व अन्य लोगों को ऋण बांटा गया।  ग्राहकों से 20 से 25 फीसदी ब्याज वसूला गया। नियमित किश्तें नहीं चुकाने पर पैनल्टी तक वसूली गई। बाजार में दुकान, केबिन व हाथ ठेला संचालकों को ही दिया गया।

 

निवेशकों ने बचत खाते व एफडी में राशि दुगना करने के लिए निवेश की। समय पूरा होने पर ब्याज तो दूर मूलधन का भुगतान नहीं किया। दोनों सोसायटी ने बाड़मेर से शुरूआत कर लोगों को पांच साल में पैसे दुगना करने का झांसा दिया। पहले परिवार के सदस्यों व रिश्तेदारों से निवेश करवाया। पांच साल में एफडी की अवधि पूरी होने पर लोगों को दो गुना पैसे भी दिए। इससे लोगों का विश्वास और बढ़ गया।

 

बाड़मेर के बाद राजस्थान के दूसरे जिलों में शाखाएं खोलकर सोसायटी संचालकों ने तेजी के साथ विस्तार किया। दोनों सोसायटियों ने राजस्थान, गुजरात समेत कई राज्यों में शाखाएं प्रारंभ कर दी। बड़े बिजनेस बनने की खातिर संचालकों ने निवेशकों की जमा पूंजी से सोसायटी के विस्तार के साथ जमीनें व मॉल खरीदे। वर्ष 2017 में सोसायटियां घाटे में डूबने लगी। 

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