आदर्श सोसायटी स्कैम / 23 हजार की नौकरी छोड़ दिलीप ने अपनी सोसायटी बनाई, 26 करोड़ का घोटाला किया



दिलीप रावल, विक्रम रावल और विजय रावल। दिलीप रावल, विक्रम रावल और विजय रावल।
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दिलीप रावल, विक्रम रावल और विजय रावल।दिलीप रावल, विक्रम रावल और विजय रावल।

  • आदर्श सोसायटी के मालिकों ने किया था 14 हजार करोड़ का घपला
  • मामले में सुंदरम सोसायटी के 20 संचालकों के खिलाफ भी केस दर्ज

Dainik Bhaskar

Jun 14, 2019, 02:00 AM IST

पाली/सिरोही (वीरेंद्र उदेश/जयदीप पुरोहित). आदर्श क्रेडिट सोसायटी के मालिकों व संचालकों द्वारा देशभर में शाखाएं खोल कर लोन देने की आड़ में किए गए 26 हजार करोड़ रुपए के घाेटाले के मामले में आरोपी अभी स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी, एसओजी की गिरफ्त में है।

 

इस मामले की जांच अभी तक पूरी नहीं हुई थी कि इसी सोसायटी में कभी नौकरी करने वाले आरोपी दिलीप रावल व उनके परिवार के लोगों द्वारा हजारों निवेशकों के करीब 26 करोड़ रुपए का घोटाला करने का मामला सामने आया है। सुंदरम क्रेडिट को ऑपरेटिव मल्टी स्टेट सोसायटी के मालिकों व संचालकों की ओर से किए गए घपलों को लेकर वर्ष 2017 से लेकर 2019 के बीच पाली, सिरोही, जोधपुर, जालोर में आरोपियों के खिलाफ 20 मामले दर्ज हुए। इनमें से पुलिस ने 11 मामलाें में आरोपी दिलीप रावल, विक्रम रावल व लहरचंद छीपा को गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी, जबकि 9 मामलाें की जांच लंबित है।

 

इसको लेकर आरोपी विजय रावल, संतोष रावल व अनिल जोशी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उनके खिलाफ दर्ज मामलाें काे झूठा बताया है। आरोपियों ने तर्क दिए कि पूर्व में अलग-अलग जिलों की पुलिस की ओर से की गई जांच के नतीजे भी अलग-अलग हैं। इस पर हाईकोर्ट ने लंबित सभी प्रकरणों की जांच एसओजी को सौंपी है, जिसकी प्रारंभिक जांच में ही एसओजी ने माना कि आरोपी दिलीप रावल ने अपने भाई विजय रावल, उसकी पत्नी संतोष रावल, भाई विक्रम रावल, रामसीन निवासी तत्कालीन अध्यक्ष लहरचंद छीपा, डायरेक्टर अनिल जोशी के अलावा दिलीप रावल के परिवार व रिश्तेदारों को करीब 26 करोड़ के लोन बांट दिए। करोड़ों के घोटाले से जुड़े मामलों की जांच एसओजी के एएसपी सत्यपाल मींड्ढा के निर्देशन में की जा रही है। इनमें सिरोही के 6 तथा पाली के तखतगढ़ व जोधपुर शहर के दो मामले हैं।

 

दिलीप रावल: आदर्श सोसायटी में कैशियर की नौकरी छोड़ खुद की सुंदरम सोसायटी खोली।

2012 में नौकरी छोड़ते ही खुद की सोसायटी बनाई : सिरोही के पीडब्ल्यूडी कॉलोनी के दिलीप रावल सिरोही की ही आर्दश क्रेडिट सोसायटी में कैशियर की नौकरी करता था। वेतन 23 हजार था। वह सोसायटी में मोदी बंधुओं का खास माना जाता था। 2012 में दिलीप ने नौकरी छोड़ दी और सुंदरम क्रेडिट को ऑपरेटिव मल्टी स्टेट सोसायटी की पहली ब्रांच खोली।

 

विक्रम रावल: सोसायटी में डायरेक्टर की भूमिका में सोसायटी के विस्तार का काम किया।

22 शाखाएं 3 प्रदेशाें में खोल करोड़ों जमा किए: 2102 से 2017 के बीच इस सोसायटी की सिरोही के साथ पिंडवाड़ा, आबूरोड़, माउंट आबू, स्वरूपगंज,रेवदर व जावाल, पाली में तखतगढ़, सुमेरपुर, फालना, सादड़ी व जैतारण, जालोर के रामसीन, जोधपुर शहर में जालोरी गेट तथा गुजरात में शाखाएं खोली। इन शाखाओं में हजारों लोगों ने करोड़ रुपए निवेश किए।

 

विजय रावल: आदर्श सोसायटी में कलेक्शन एजेंट फिर सुंदरम सोसायटी में कर्ता-धर्ता था।

26 करोड़ परिवार व चहेतों को लोन में बांटे: आरोपी दिलीप रावल ने खुद के साथ भाई विजय रावल, विक्रम रावल, भाभी संतोष रावल, चहेते अध्यक्ष लहरचंद छीपा व बोर्ड डायरेक्टर अनिल जोशी के अलावा रिश्तेदारों को इस सोसायटी में निवेशकों की ओर से जमा कराए करीब 26 करोड़ रुपए का लोन बांट दिए।

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