जोधपुर

--Advertisement--

पैसा दो भारत की नागरिकता लो, पाक विस्थापितों से रिश्वत लेते गृह मंत्रालय का अधिकारी सहित पांच गिरफ्तार

पाक विस्थापितों से मोटी रकम वसूल उन्हें नागरिकता दिलाने का यह खेल लम्बे अरसे से चल रहा था।

Dainik Bhaskar

May 19, 2018, 03:48 AM IST
home ministery officer arrest while taking bribe from pak migrated peoples

जोधपुर। पाकिस्तान से विस्थापित होकर आए लोगों को भारतीय नागरिकता दिलाने के नाम पर चल रहे रिश्वतखोरी के एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो( एसीबी) ने गृह मंत्रालय के एक अधिकारी सहित पांच जनों को हिरासत में लिया है। पाक विस्थापितों से मोटी रकम वसूल उन्हें नागरिकता दिलाने का यह खेल लम्बे अरसे से चल रहा था। इस मामले में सीआईडी सीबी के कुछ अधिकारी भी रडार पर है। फिलहाल एसीबी के अधिकारी हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रहे है और शाम तक पूरे मामले का खुलासा करेंगे। पैसा दो नागरिकता लो…

- पाकिस्तान में लगातार प्रताड़ित होनोे के बाद वहां से भाग कर भारत आए पाक विस्थापितों की नागरिकता का मसला लम्बे अरसे से अटका हुआ है। राजस्थान हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश और केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह की पहल के बावजूद गृह मंत्रीलय के एक अधिकारी पीके मिश्रा के नेतृत्व में चल रहे एक गिरोह ने नागरिकता का मामला अटका रखा था। यह अधिकारी दलालों के माध्यम से नागरिकता पाने के इच्छुक लोगों से मोटी रकम वसूल करने में लगा था। मिश्रा के लोग पाक विस्थापितों से साफ कहते थे कि पैसा दो नागरिकता लो।

- राजस्थान हाईकोर्ट में पेशी पर आए पीके मिश्रा यहां एक रिसॉर्ट में ठहरा। उसने अपने तीन दलालों गोविन्द, अशोक व भगवानाराम के माध्यम से प्रत्येक आवेदन पर बारह-बारह हजार रुपए की मांग की। इनके साथ राज्य के गृह विभाग का एक अधिकारी कुंदन भी शामिल था। इन लोगों ने तीन जनों से बारह-बारह हजार रुपए वसूल किए। इसकी सूचना एसीबी के पास पहुंची तो जांच में शिकायत की पुष्टि हो गई। इस पर एसीबी की टीम ने पांचों को हिरासत में ले लिया। इस मामले में सीआईडी सीबी के कुछ अधिकारी भी शामिल बताए जा रहे है। एसीबी के पुलिस अधीक्षक अजयपाल लाम्बा का कहना है कि फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। शाम तक पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।

पंद्रह हजार आवेदन लम्बित

- पाक विस्थापितों को नागरिकता दिलाने के लिए बहरसों से संघर्ष कर रहे हिन्दू सिंह सोढ़ा का कहना है कि सिर्फ नागरिकता के दस हजार और लांग टर्म वीजा के पांच हजार आवेदन लम्बित चल रहे है। हाईकोर्ट की कड़ी फटकार के बावजूद इन आवेदनों का निस्तारण नहीं किया जा रहा है। पैसे वसूल करने के लिए मामलों को जानबूझ कर अटकाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह तक ने अधिकारियों को आदेश दिया था कि प्राथमिकता के आधार पर नागरिकता के मसले को सुलझाया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब पाक विस्थापितों से पैसा वसूली का यह खेल लम्बे अरसे से चल रहा था।

राजस्थान से मूव फाइलों को अटकाता, दलालों के मार्फत वसूली
- एसीबी की पूछताछ में गृह मंत्रालय के एसएसए पंकज कुमार मिश्रा ने खुलासा किया कि वह गृह मंत्रालय की विदेश शाखा में है, जहां विस्थापितों के मामले डील किए जाते हैं। वह तीन साल से राजस्थान के दलालों के संपर्क में है। राजस्थान से एलटीवी-नागरिकता की जो भी फाइलें दिल्ली आती थी, वह उन्हें अपने पास होल्ड कर देता था। फिर दलालों से कहता। दलाल विस्थापितों से मिल कर प्रति व्यक्ति हजार-दो हजार रुपए एकत्र करते। पहले तो ये दलाल दिल्ली जाकर पैसा देते थे, लेकिन छह माह से जोधपुर स्थित हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है, इसलिए वह अपनी ड्यूटी लगवा कर जोधपुर आता और होटल में बैठ वसूली करता था। उसके रहने तथा गाड़ी की व्यवस्था सीआईडी जोधपुर करती थी। गुरुवार को वह दिन भर सीआईडी ऑफिस में बैठा रहा और हाईकोर्ट का जवाब तैयार करता रहा। रात करीब 9 बजे वे होटल पहुंचा और तीनों दलाल पैसा लेकर वहां आए। जैसे ही पैसा इसे दिया गया, एसीबी ने चारों को हिरासत में ले लिया।

दलाल भी विस्थापित थे, अब भारत के नागरिक हैं
- नेहरू नगर व डाली बाई मंदिर के पास रहने वाला तीनों दलाल अशोक, भगवानाराम व गोविंद भी बरसाें पहले भारत आ गए थे और यहां की नागरिकता ले ली थी। इन लोगों को यह पता था कि कौन विस्थापित पैसा दे सकता है। उनके नाम वे मिश्रा को बताते थे ताकि उनकी फाइलें राेक कर पैसा लिया जा सके। अशोक व गोविंद कोर्ट में टाइपिस्ट का काम करते हैं तथा भगवानाराम की कपड़े की दुकान है। एसीबी ने दिन में अशोक की दुकान की भी तलाशी ली, वहां 200 विस्थापितों के पासपोर्ट व वीजा दस्तावेज बरामद हुए हैं।

18 महीने हो गए, अभी तक 88 प्रतिशत केस पेंडिंग
- विस्थापितों के लिए काम करने वाली सीमांत लोक संगठन संस्था के अध्यक्ष हिंदूसिंह सोढ़ा ने बताया कि केंद्र सरकार को रिजिम दिए 18 माह हो गए हैं। अब तक सिर्फ 2 प्रतिशत लोगों को ही नागरिकता मिली है तथा एलटीवी के भी 88 प्रतिशत केस पेंडिंग है। यह नेक्सस लंबे समय से चल रहा था। उन्होंने प्रिंसिपल सेक्रेटरी व इंटेलीजेंस के एडीजी को कई बार शिकायत की थी। ये लोग अदालतों को गुमराह करते हैं और दिल्ली में फाइलें अटका कर वसूली करते हैं।

जयपुर तक नेक्सस
एसीबी के एसपी अजयपाल लांबा ने बताया कि एसीबी की जयपुर स्थित इंटेलीजेंस विंग को पाक विस्थापितों से वसूली की सूचना मिली थी। इसके बाद मिश्रा को सर्विलांस पर ले लिया गया। शुक्रवार को होटल में उसे दलालों से पैसा लेते हुए पकड़ लिया गया। पूछताछ में मिश्रा ने खुलासा किया कि उसका नेक्सस जोधपुर ही नहीं, जयपुर में भी बना हुआ है। उसके खिलाफ रिश्वत लेने का केस दर्ज किया गया है।

X
home ministery officer arrest while taking bribe from pak migrated peoples
Click to listen..