जोधपुर / आसाराम के सजा स्थगन का प्रार्थना पत्र पर सरकारी अधिवक्ता ने बहस के लिए मांगा समय, अब 23 सितम्बर को होगी सुनवाई



आसाराम। आसाराम।
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आसाराम।आसाराम।

  • आखिरी सांस तक आजीवन कारावास की सजा काट रहा है आसाराम

Dainik Bhaskar

Sep 13, 2019, 12:26 PM IST

जोधपुर. नाबालिग से यौन शोषण के मामले में आखिरी सांस तक आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम ने एक बार फिर से जमानत के लिए कोशिश शुरू कर दी है। सजा स्थगन के लिए आसाराम की तरफ से हाईकोर्ट में पेश प्रार्थना पत्र पर शुक्रवार को  जस्टिस संदीप मेहता व विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ में सुनवाई शुरू हुई। सुनवाई शुरू होते ही सरकारी अधिवक्ता ने बहस के लिए समय देने का आग्रह किया। इस पर खंडपीठ ने उसे स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई तिथि 23 सितम्बर तय कर दी। 


सजा होने के बाद आसाराम सजा स्थगन का प्रार्थना पत्र पेश कर चुका था, लेकिन उसे विड्रॉ कर दिया था। इसके बाद आसाराम की अपील पर जल्दी सुनवाई का आग्रह स्वीकार कर लिया था और इससे जुड़ी सभी अपील याचिकाओं को कनेक्ट भी कर दिया था। पिछले महीने ही आसाराम की अपील को भी जेल में बंद सजायाफ्ता बंदियों की अपीलों की सुनवाई के लिए निर्धारित व्यवस्था के तहत ही सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए थे। इस हिसाब से अपील याचिका पर सुनवाई के लिए नंबर पर समय लग सकता है।


ऐसे में आसाराम ने एक बार फिर से जमानत लेने के लिए सजा स्थगन का प्रार्थना पत्र पेश किया है। इस पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। गौरतलब है कि एससी एसटी कोर्ट ने 25 अप्रैल 2018 को आसाराम को आजीवन कारावास की सजा के आदेश दिए थे। आसाराम पांच साल से भी अधिक समय से जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद है। न तो ट्रायल के दौरान उसे जमानत मिली और न ही सजा होने के एक साल बाद भी उसे कोई राहत नहीं मिली है।
 

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