जोधपुर

--Advertisement--

हाईकोर्ट ने प्रबोधकों को नहीं माना तृतीय श्रेणी शिक्षक के समकक्ष, तबादलों पर लगाई रोक

खंडपीठ ने इस मामले में राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है

Danik Bhaskar

Aug 08, 2018, 04:12 PM IST

जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने बुधवार को एक अहम फैसले में कहा कि प्रबोधकों को तृतीय श्रेणी शिक्षक के समकक्ष नहीं माना जा सकता। साथ ही हाईकोर्ट ने प्रबोधकों को तृतीय श्रेणी शिक्षक के समान नहीं मानते हुए उनके तबादलों पर भी रोक लगा दी। हाईकोर्ट की जोधपुर स्थित मुख्य पीठ ने यह फैसला प्रबोधकों की ओर से दायर एक याचिका पर दिया। यह है मामला…

- इन्दू मिर्धा व अन्य ने एक याचिका पेश कर कहा कि राज्य सरकार प्रबोधकों को तृतीय श्रेणी के अध्यापकों के समकक्ष मानते हुए तबादले कर रही है। उनकी तरफ से अधिवक्ता वर्षा बिस्सा ने तर्क दिया कि तबादलों के नाम पर प्रबोधकों के लिए बनाए गए नियमों की अवहेलना की जा रही है। उन्होंने कहा कि नियमानुसार शिक्षा विभाग किसी प्रबोधक का तबादला नहीं कर सकता है। उन्होंने बताया कि विभाग के इन आदेशों द्वारा कानून व नियमावली की भारी अनदेखी की गई है जिसका कार्यान्वयन नहीं किया जाना चाहिए। इस पर मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नन्द्राजोग व न्यायाधीश दिनेश माहेश्वरी की खंडपीठ ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। वहीं प्रबोधकों के तबादलों पर अंतरिम रोक लगा दी।

Click to listen..