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‘प्रकृति दोहन के कारण ही आती हैं आपदाएं’

एक वर्ष पहले
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वर्तमान में प्रकृति का दोहन हो रहा है, जो हमारे लिए हानिकारक है। प्रकृति दोहन के कारण ही आज प्राकृतिक आपदाएं आ रही है। यह बात सूरसागर रामद्वारा के महंत रामप्रसाद महाराज ने शुक्रवार को रतकुड़िया गांव के भोलाराम महाराज की देवरी स्थित रूप रजत गोशाला में आयोजित भागवत कथा ज्ञान यज्ञ समारोह को संबोधित करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि कुदरत को भी मां का दर्ज दिया गया है, इसलिए हम सब को पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करना चाहिए। इससे पूर्व उन्होंने जड़ भरत प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया। इस मौके जैन दिगंबर संत रयनसागर महाराज, महंत रमैयादास महाराज, संत हीरादास महाराज, संत श्रीराम महाराज, संत रामदास शास्त्री सहित अनेक संत व श्रद्धालु मौजूद थे।

अनुकूलता से राग एवं प्रतिकूलता से द्वेष उत्पन्न होता है : आचार्य

खेड़ापा| भक्ति के लिए उम्र की कोई बाधा नहीं है। भक्ति मार्ग पर अपन बढ़ते है, तो ईश्वर अपने आप हमारी सहायता करता है। यह बात सींथल पीठाधीश्वर आचार्य क्षमाराम महाराज ने शुक्रवार को खेड़ापा गांव स्थित रामधाम में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि अनुकूलता से राग एवं प्रतिकूलता से

भागवत कथा } देवरी धाम स्थित गोशाला में संतों के सान्निध्य में कथा श्रवण को उमड़े श्रद्धालु

द्वेष उत्पन्न होता है। व्यक्ति सामान्य तौर पर ईर्ष्या, राग-द्वेष में फंसा रहता है। साधक को चाहिए कि वह इनके वशीभूत न हो राग-द्वेष से ऊंचा उठ कर चरित्र का निर्माण करें। इस मौके संत सीताराम, बलराम, रामगोपाल जोधियसी, तिलोकदास, रामनरेश, श्रवणदास, रामविलास, आनंदराम आदि मौजूद थे।
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