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500 यात्रियों को सुबह पुणे उतरना था पर ट्रेन पहुंच गई बड़नेरा हंगामा किया तो दूसरी ट्रेन से वापस भेजा, 24 घंटे देरी से पहुंचेंगे

2 वर्ष पहले
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वो गाना तो आपने सुना ही होगा- जाना था जापान पहुंच गए चीन, समझ गए ना। कुछ ऐसा ही राजस्थान के 500 यात्रियों के साथ हुआ। ये सभी यात्री श्रीगंगानगर से तिरुचिरापल्ली जाने वाली हमसफर ट्रेन जोधपुर व बीकानेर सहित अन्य स्टेशनों से मंगलवार सुबह सवार पुणे जाने के लिए सवार हुए थे। इन्हें बुधवार सुबह करीब पौने आठ बजे पुणे उतरना था। जब ये नींद से जागे तो पता चला कि ट्रेन तो दूसरे रूट से पुणे से बहुत आगे जा चुकी है। वडोदरा से आगे बारिश के कारण बिगड़े रेल संचालन के चलते इनकी ट्रेन देर रात सूरत से पहले डायवर्ट कर दी गई थी और वहां स्टाफ उतर गया। यात्रियों को यह जानकारी देने के लिए ट्रेन में कोई मौजूद नहीं था। बडनेरा स्टेशन पर यात्रियों ने स्टेशन मास्टर को घेर लिया। इस पर उन्हें गाेंडा-कोल्हापुर महाराष्ट्र एक्सप्रेस में बैठाया गया। शाम करीब पौने छह बजे यह ट्रेन भुसावल पहुंची, जहां दो अतिरिक्त कोच लगाकर पुणे के लिए रवाना किया गया। अब ये यात्री तय समय से करीब 24 घंटे की देरी से गुरुवार सुबह पुणे पहुंचेंगे।

थर्ड एसी के सात कोच में सफर करने वाले यात्रियों को स्लीपर के दो कोच में रवाना किया

यात्रियों को भुसावल में स्लीपर क्लास के दो अतिरिक्त कोच दिए गए, जबकि वे थर्ड एसी के कंफर्म टिकट पर सफर कर रहे थे। यात्री संख्या 3 गुना होने से फंस कर यात्रा करनी पड़ी।

ट्रेन लेट होने का सोच यात्री करते रहे पुणे का इंतजार

श्रीगंगानगर-तिरुचिरापल्ली ट्रेन मंगलवार सुबह रवाना हुई तो ट्रेन में बीकानेर व जोधपुर से करीब 500 यात्री पुणे, वसई रोड, कल्याण व लोनावाना स्टेशनों तक की यात्रा के लिए सवार हुए। ट्रेन मंगलवार देर रात 12 बजे सूरत से पहले डायवर्ट कर हावड़ा-नागपुर-मुंबई रूट पर चला दी गई। इस दौरान ट्रेन से टीटीई भी उतर गए। यात्रियों को बुधवार सुबह 7:40 बजे पुणे उतरना था, लेकिन उन्हें पुणे नजर नहीं आया। कुछ देर वे ये सोच कर इंतजार करते रहे कि शायद ट्रेन देरी से चल रही होगी। सुबह आठ बजे ट्रेन अमरावती के बडनेरा स्टेशन पर खड़ी कर दी गई। वहां यात्रियों को पता चला कि ट्रेन तो दूसरे रास्ते से पुणे से बहुत आगे निकल चुकी है। तब यात्रियों ने स्टेशन मास्टर को घेर लिया और सभी कोच की चेन पुलिंग कर उसे आगे बढ़ने से रोक दिया। यात्री राहुल माथुर ने बताया कि वे ट्रेन को पुणे ले जाने पर अड़ गए थे। आखिरकार रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को यह कहकर शांत किया कि ट्रेन को पुणे ले जाएंगे। करीब छह घंटे बडनेरा स्टेशन पर रुके रहने के बाद इन्हें दूसरी ट्रेन से रवाना किया गया, जो ट्रेन गुरुवार सुबह करीब 6 बजे पुणे पहुंचेगी।

बडनेरा स्टेशन मास्टर उच्च अधिकारियों से ट्रेन की जानकारी लेने की कोशिश करते रहे, लेकिन उन्हें सही जानकारी नहीं मिल सकी।

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