बकाया ऋण चुकाने के लिए दिया चेक अनादरित होने पर महिला को 6 महीने का कारावास

Jodhpur News - जोधपुर| विशिष्ट महानगर मजिस्ट्रेट (एनआई एक्ट) संख्या 5 डॉ. मनोज सिंघारिया ने एक महिला को ऋण लेने के बदले दिए गए चेक...

Feb 15, 2020, 09:26 AM IST

जोधपुर| विशिष्ट महानगर मजिस्ट्रेट (एनआई एक्ट) संख्या 5 डॉ. मनोज सिंघारिया ने एक महिला को ऋण लेने के बदले दिए गए चेक अनादरित होने पर दोषी मानते हुए छह महीने के साधारण कारावास की सजा से दंडित किया है। साथ ही 9 लाख 60 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। परिवादी रेलवे एम्पलॉइज को-ऑपरेिटव बैंकिंग सोसायटी लिमिटेड की ओर से अधिवक्ता जितेंद्र चौपड़ा व बासिल मोहम्मद ने पराक्रम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत परिवाद पेश कर बताया कि यह सोसायटी रेलवे के कर्मचारियों की है। सोसायटी द्वारा सदस्यों व बैकिंग सोसायटी के स्टाफ को ऋण दिया जाता है। आरोपी पदमा शेखावत पुत्री बाबूसिंह चौहान ने बैंक से 1 अक्टूबर 2013 को 8 लाख 40 हजार रुपए का स्टाफ ऋण प्राप्त किया था। ऋण का भुगतान महिला आरोपी को 180 किस्तों में करना था। आरोपी को वाइस चेयरमैन के आदेश पर 12 अप्रैल 2016 को निकाला भी जा चुका है। आरोपी ने कुछ किस्तें चुकाने के बाद बाकी किस्तें नहीं चुकाई। वर्तमान में आरोपी पर ब्याज सहित 8 लाख 14 हजार 194 रुपए बकाया हैं। आरोपी द्वारा बकाया रुपयों के भुगतान के पेटे एक चेक 10 मई 2016 को 8 लाख 14 हजार 194 रुपए का दिया। जिसे सोसायटी द्वारा भुगतान के लिए अपनी बैंक में पेश किया तो खाता बंद होने का रिमार्क के साथ वह चेक लौटा दिया गया। कोर्ट ने दोनों पक्ष सुनने के बाद कहा कि आरोपी परिवाद का कोई स्पष्ट खंडन करने में असफल रही है, इसलिए आरोपी महिला को पराक्रम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत दोषी करार दिया जाता है।

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