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काउंसलिंग के बाद एक स्टूडेंट को अपने स्तर पर दिया दाखिला बोर्ड की मंजूरी भी नहीं ली, कॉलेज पर लगाई 1 लाख की कॉस्ट

Jodhpur News - एमजीएफ आयुर्वेद महाविद्यालय चौमू जयपुर का मामला लीगल रिपोर्टर | जोधपुर बीएएमएस कोर्स में दाखिले के लिए...

Dec 04, 2019, 10:16 AM IST
Jodhpur News - rajasthan news after counseling the admission board given to a student at his level was not even taken the cost of 1 lakh imposed on the college
एमजीएफ आयुर्वेद महाविद्यालय चौमू जयपुर का मामला

लीगल रिपोर्टर | जोधपुर

बीएएमएस कोर्स में दाखिले के लिए काउंसलिंग खत्म होने के बाद महात्मा ज्योति बा फूले (एमजीएफ) आयुर्वेद महाविद्यालय चौमू जयपुर ने एक स्टूडेंट को काउंसलिंग बोर्ड की मंजूरी के बगैर ही अपने स्तर पर एडमिशन दे दिया, जब विवि ने उसे परीक्षा में बिठाने से इनकार किया तो महाविद्यालय हाईकोर्ट पहुंच गया। जब यह तथ्य हाईकोर्ट के समक्ष आया तो स्टूडेंट को परीक्षा में बिठाने की अनुमति दे दी, लेकिन कॉलेज पर एक लाख रुपए की काॅस्ट लगाई, जिसे राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण में जमा कराने के आदेश दिए हैं।

मामले के अनुसार बैचलर ऑफ आयुर्वेद, मेडिसिन व सर्जरी कोर्स में काउंसलिंग बोर्ड ने याचिकाकर्ता एमजीएफ आयुर्वेद महाविद्यालय को 100 सीटों पर स्टूडेंट्स के प्रवेश की अनुशंसा की थी। काउंसलिंग के लिए अंतिम तिथि 29 अक्टूबर 2018 निर्धारित थी। इस बीच एक सीट खाली होने पर कॉलेज प्रशासन ने काउंसलिंग बोर्ड की अनुमति के बिना ही श्रवणसिंह निर्वाण को एडमिशन दे दिया। एक साल पढ़ाई पूरी होने के बाद उसने बीएएमएस प्रथम वर्ष की परीक्षा के लिए आवेदन किया तो उसका आवेदन लेने से विवि ने इनकार कर दिया, क्योंकि काउंसलिंग बोर्ड द्वारा चयनित अभ्यर्थियों की सूची में उसका नाम नहीं था। इस पर महाविद्यालय ने हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की।

विवि की ओर से पेश हुए अधिवक्ता सुनील पुरोहित ने कहा कि काउंसलिंग 29 अक्टूबर तक निर्धारित थी, जबकि कॉलेज ने 30 अक्टूबर को श्रवणसिंह नाम के स्टूडेंट को एडमिशन दे दिया और काउंसलिंग बोर्ड से मंजूरी भी नहीं ली। अनियमित रूप से कॉलेज प्रशासन ने प्रवेश दिया है। जस्टिस दिनेश मेहता ने इसे गंभीरता से लेते हुए कॉलेज पर एक लाख रुपए की कॉस्ट लगाई और इस राशि का बैंकर चेक या डिमांड ड्राफ्ट राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के नाम रजिस्ट्रार (ज्यूडिशियल) राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर के समक्ष जमा कराने के आदेश दिए हैं। साथ ही विवि को स्टूडेंट को परीक्षा में बैठने की अनुमति देने व काउंसलिंग बोर्ड को मंजूरी देने के लिए कहा है।

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