एम्स की नर्स ने इंटरनेट पर सुसाइड के तरीके देख ओटी के पीछे किया आत्मदाह

2 वर्ष पहले
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एम्स हॉस्पिटल की महिला नर्सिंगकर्मी ने शनिवार रात करीब पौने आठ बजे ऑपरेशन थिएटर के गलियारे में आत्मदाह कर लिया। इससे पहले उसने इंटरनेट पर कई बार सुसाइड के तरीके और उनसे बचने की गुंजाइश खंगाली थी। ड्यूटी के बाद ओटी के पीछे खाली गलियारे में जाकर खुद पर ज्वलनशील पदार्थ उड़ेल कर आत्मदाह कर लिया। वह एक महीने पहले ही केरला स्थित अपने गांव जाकर लौटी थी और इसके बाद से डिप्रेशन में थी।

एसीपी (पश्चिम) चैनसिंह महेचा ने बताया कि शनिवार रात करीब साढ़े आठ बजे शास्त्री नगर थानाधिकारी रमेश शर्मा को सूचना मिली कि एम्स हॉस्पिटल के ओटी के पीछे गलियारे में एक महिला नर्सिंगकर्मी ने आत्मदाह कर लिया है। यहां ओपीडी विंग की तीसरी मंजिल पर बी-ब्लॉक के ओटी के स्टोर रूम के पीछे गलियारे में युवती का जला हुआ शव मिला। मौके पर प्लास्टिक बोतल का ढक्कन, माचिस की तिली और बोतल के अवशेष नजर आए। संभवत: युवती ने केरोसिन या कोई अन्य ज्वलनशील पदार्थ उड़ेलकर खुद को आग लगा ली। उसकी पहचान 25 वर्षीय बीजी पिनोस निवासी एलनथुर जिला पथनमथिटा के रूप में हुई। वह अगस्त 2017 से यहां कार्यरत थी और भगत की कोठी विस्तार योजना में रहती थी। शेष | पेज 17

एम्स के डिप्टी डायरेक्टर एनआर विश्नोई, एम्स अधीक्षक डॉ. अरविंद सिन्हा, डिप्टी सुपरिटेंडेंट डॉ. महावीर लोढ़ा सहित अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।

परिसर से गार्ड ने आग लगते की सूचना दी थी



थानाधिकारी शर्मा ने बताया कि घटना स्थल तीसरी मंजिल था और इसके पीछे एम्स परिसर का लॉन व दूसरी इमारतें हैं। करीब पौने आठ बजे बाहरी हिस्से में खड़े किसी गार्ड ने ओटी के पिछले हिस्से में आग देखी दौड़ लगाकर ओपीडी में इसकी सूचना दी। एम्स के फायरमैन ओटी के पीछे दौड़े, लेकिन स्टोर का दरवाजा अंदर से बंद था। एक फायरमैन दूसरे कमरे की खिड़की के रास्ते कॉरिडोर में पहुंचा और कमरे का गेट खोला। तत्पश्चात उपकरणों से आग बुझाई, लेकिन तब तक युवती की मौत हो चुकी थी।



भाई मूकबिधर, मां की हो चुकी है मौत

साथी स्टाफ ने बताया कि पिनोस की मां का निधन हो चुका है। एक भाई है जो मूकबधिर है। पिता पिनोस टीए केरला में ही रहते हैं।

लॉकर में रखे दोनों मोबाइल से सुसाइड के तरीके देखने की पुष्टि
एसीपी महेचा के अनुसार एम्स के असिस्टेंट नर्सिंग सुपरिटेंडेंट नटवर पाटीदार की ओर से प्रारंभिक रिपोर्ट दी गई है। उन्होंने बताया कि घटना के बाद पहचान के लिए ओटी के पूरे स्टाफ को इकट्ठा किया गया था, लेकिन उसमें बीजी पिनोस नहीं थी। शनिवार को उसकी ड्यूटी दोपहर डेढ़ से शाम साढ़े सात बजे तक थी। बीजी की साथी नर्स से पूछताछ में पता चला कि वो साढ़े सात-पौने आठ बजे के बीच ओटी से बाहर निकलते हुए नजर आई थी। उसने कंधे पर बैग भी था। उसके मोबाइल पर कॉल किया पर उसने नहीं उठाया। पुलिस की मौजूदगी में पिनोस का लॉकर खोला तो दो मोबाइल मिले। पुलिस ने मोबाइल चेक किया तो पता चला कि उसने सुसाइड करने के तरीके और उनसे बचने की संभावना को कई बार यू-ट्यूब पर सर्च किया था। लॉकर में बैग नहीं मिला। आशंका है कि बैग भी आग से जलकर नष्ट हो गया होगा। आत्मदाह करने से पहले उसने चप्पल भी बाहर ही खोल दी थी।

महिला नर्सिंगकर्मी बीजी पिनोस

क्राइम रिपोर्टर |जोधपुर

एम्स हॉस्पिटल की महिला नर्सिंगकर्मी ने शनिवार रात करीब पौने आठ बजे ऑपरेशन थिएटर के गलियारे में आत्मदाह कर लिया। इससे पहले उसने इंटरनेट पर कई बार सुसाइड के तरीके और उनसे बचने की गुंजाइश खंगाली थी। ड्यूटी के बाद ओटी के पीछे खाली गलियारे में जाकर खुद पर ज्वलनशील पदार्थ उड़ेल कर आत्मदाह कर लिया। वह एक महीने पहले ही केरला स्थित अपने गांव जाकर लौटी थी और इसके बाद से डिप्रेशन में थी।

एसीपी (पश्चिम) चैनसिंह महेचा ने बताया कि शनिवार रात करीब साढ़े आठ बजे शास्त्री नगर थानाधिकारी रमेश शर्मा को सूचना मिली कि एम्स हॉस्पिटल के ओटी के पीछे गलियारे में एक महिला नर्सिंगकर्मी ने आत्मदाह कर लिया है। यहां ओपीडी विंग की तीसरी मंजिल पर बी-ब्लॉक के ओटी के स्टोर रूम के पीछे गलियारे में युवती का जला हुआ शव मिला। मौके पर प्लास्टिक बोतल का ढक्कन, माचिस की तिली और बोतल के अवशेष नजर आए। संभवत: युवती ने केरोसिन या कोई अन्य ज्वलनशील पदार्थ उड़ेलकर खुद को आग लगा ली। उसकी पहचान 25 वर्षीय बीजी पिनोस निवासी एलनथुर जिला पथनमथिटा के रूप में हुई। वह अगस्त 2017 से यहां कार्यरत थी और भगत की कोठी विस्तार योजना में रहती थी। शेष | पेज 17

एम्स के डिप्टी डायरेक्टर एनआर विश्नोई, एम्स अधीक्षक डॉ. अरविंद सिन्हा, डिप्टी सुपरिटेंडेंट डॉ. महावीर लोढ़ा सहित अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।

परिसर से गार्ड ने आग लगते की सूचना दी थी



थानाधिकारी शर्मा ने बताया कि घटना स्थल तीसरी मंजिल था और इसके पीछे एम्स परिसर का लॉन व दूसरी इमारतें हैं। करीब पौने आठ बजे बाहरी हिस्से में खड़े किसी गार्ड ने ओटी के पिछले हिस्से में आग देखी दौड़ लगाकर ओपीडी में इसकी सूचना दी। एम्स के फायरमैन ओटी के पीछे दौड़े, लेकिन स्टोर का दरवाजा अंदर से बंद था। एक फायरमैन दूसरे कमरे की खिड़की के रास्ते कॉरिडोर में पहुंचा और कमरे का गेट खोला। तत्पश्चात उपकरणों से आग बुझाई, लेकिन तब तक युवती की मौत हो चुकी थी।



भाई मूकबिधर, मां की हो चुकी है मौत

साथी स्टाफ ने बताया कि पिनोस की मां का निधन हो चुका है। एक भाई है जो मूकबधिर है। पिता पिनोस टीए केरला में ही रहते हैं।

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