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पुनर्मूल्यांकन में 5 अंक कम देने पर जेएनवीयू से जवाब तलब

एक वर्ष पहले
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बीए अंतिम वर्ष ‘भारत के आधुनिक इतिहास’ प्रश्न-पत्र का मामला

राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश अरुण भंसाली ने एक रिट याचिका की प्रारंभिक सुनवाई करने के बाद पुनर्मूल्यांकन में 5 अंक कम देने के संबंध में जेएनवीयू प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। साथ ही याचिकाकर्ता की उत्तर पुस्तिका नष्ट नहीं करने के आदेश दिए हैं।

याचिकाकर्ता श्रवण सिंह की ओर से अधिवक्ता डॉ. निखिल डूंगावत और निहार जैन ने रिट याचिका दायर कर कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता ने बीए अंतिम वर्ष 2019 की परीक्षा दी थी। इसमें प्रार्थी के इतिहास विषय के प्रथम प्रश्न पत्र ‘भारत के आधुनिक इतिहास’ में मात्र 52 अंक दिए गए। जबकि याचिकाकर्ता के अनुसार उनका यह प्रश्न पत्र बहुत ही अच्छा रहा। उसके बाद उसने पुनर्मूल्यांकन करवाया, जिसमें उसे 77 अंक दिए गए। याचिकाकर्ता ने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत इतिहास विषय की उत्तरपुस्तिका की प्रति मांगी गई, जिसमें प्रत्येक प्रश्नों के काॅलम में अंक न देकर अंत में 12 अंक दे दिए गए तथा कुल अंक 52 दिए गए और पुनर्मूल्यांकन में प्रार्थी के 82 अंक आए, लेकिन 77 अंक ही दिए गए। याचिकाकर्ता ने ‘राजनीतिक विज्ञान’ में भी पुनर्मूल्यांकन का आवेदन किया है। अधिवक्ता ने कहा कि उत्तर पुस्तिका को देखकर स्पष्ट है कि प्रार्थी को उत्तर के अंक दिए ही नहीं गए। कोर्ट ने याचिका को विचारार्थ स्वीकार करते हुए जेएनवीयू को नोटिस जारी किया तथा याचिकाकर्ता की उत्तर पुस्तिका व उससे संबंधित दस्तावेज को नष्ट नहीं करने के निर्देश दिए हैं।

उत्तर पुस्तिका नष्ट नहीं करने के दिए आदेश

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