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पोर्न साइट्स पर प्रतिबंध ही असली महिला सशक्तीकरण

एक वर्ष पहले
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}प्रो. आरएल माथुर

दैनिक भास्कर के पोर्न साइट्स पर प्रतिबंध अभियान का समर्थन करते हुए लाचू कॉलेज के पूर्व प्राचार्य व शिक्षाविद् प्रो. आरएल माथुर ने कहा कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में कदम आगे बढ़ाना है तो हमें पोर्न साइट्स पर प्रतिबंध लगाना ही होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पोर्न साइट्स दुनिया के 48 देशों में प्रतिबंधित है तो भारत में अब तक इसे प्रतिबंधित क्यों नहीं किया गया है? एक तरफ सभी सरकारें महिला सशक्तिकरण की बात करती है, दूसरी तरफ पोर्न साइट्स जो हमारी युवा पीढ़ी, हमारे समाज के लिए खतरा है, उस पर रोक नहीं लगा रही है। हम इसका कड़ा प्रतिरोध करते हैं। इस अभियान को जन आंदोलन का रूप देना ही होगा, जिससे पोर्न साइट्स पर पूर्णरूपेण प्रतिबंध लगे और हमारा समाज एक सुंदर आकृति धारण कर सके। माथुर ने कहा कि आजकल यह वेबसाइट हर फोन और लैपटॉप में मिल ही जाएगी और लगभग सभी लोग वीडियो देखते हैं। इन वेबसाइट्स का जाल बहुत गहरा है। ये वेबसाइट युवाओं के मन पर बहुत प्रभाव डालती हैं। दुष्कर्म के मामले बढ़ने का एक कारण यह भी है, यह कहना कोई अतिश्योक्ति नहीं है।
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