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बच्चों के साथ संवाद ही पैरेंट्स की हर समस्या का समाधान है: काउंसलर्स

Dainik Bhaskar

Mar 17, 2019, 03:15 AM IST

Jodhpur News - \"पैरेंटिंग बिल्कुल भी आसान नहीं होती...मां-बाप अपने बच्चों को बड़ा करने के लिए कई कष्ट सहते हैं जिनसे उनके बच्चे तब...

Jodhpur News - rajasthan news communication with children is a solution to every problem of parents counselors
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"पैरेंटिंग बिल्कुल भी आसान नहीं होती...मां-बाप अपने बच्चों को बड़ा करने के लिए कई कष्ट सहते हैं जिनसे उनके बच्चे तब तक अनभिज्ञ रहते हैं, जब तक वो खुद मां-बाप नहीं बन जाते।' ये कहना था क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट प्रसाद गडकरी और माधवी गडकरी का जो शनिवार को लक्की इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित पैरेंटिंग वर्कशॉप में पैरेंट्स से रूबरू हो रहे थे। उन्होंने मार्क्स और सब्जेक्ट चयन की कशमकश में उलझे बच्चों के एक वीडियो के साथ वर्कशॉप की शुरूअात करते हुए वहां उपस्थित पैरेंट्स से कहा कि मार्क्स का दबाव बच्चों को इतना कमजाेर बनाता जा रहा है कि वे हर जगह खुद को कम आंकने लगते हैं। इस वर्कशॉप के दौरान पैरेंट्स ने अपने बच्चों से संबंधित कई सवाल भी पूछे। एक मां का सवाल था कि "मैं बच्चे को पढ़ाई के लिए नहीं टोकती, कहीं ये ढील उसे गैर जिम्मेदार तो नहीं बना रही।' इस पर काउंसलर्स का कहना था कि पढ़ाई के लिए ना तो दबाव बनाएं और ना ही पूरी छूट दें बल्कि बच्चों के साथ ऐसा कम्युनिकेशन डवलप करें जिससे आप अगर उसे पढ़ने का कहें तो उसे बुरा ना लगे। काउंसलर्स का कहना था कि बच्चे बुरी मां या बुरे पिता जैसे शब्द कह कर आपको गिल्ट महसूस करवाना चाहते हैं लेकिन आप उनसे पूछें कि उनके हिसाब से बुरे अौर अच्छे मां-बाप किसे कहते हैं ताकि उनकी गलतफहमियों को दूर किया जा सके। एक अन्य मां ने पूछा कि 13-14 साल के होते-होते बच्चे हर बात पर बहस करने लग जाते हैं, जिस पर काउंसलर्स ने बताया कि किशोरावस्था में हार्मोनल बदलाव की वजह से उनका व्यवहार बदल जाता है इसलिए पैरेंट्स को उन्हें गलत नहीं ठहराना चाहिए। मोबाइल एडिक्शन पर डॉ. गडकरी का कहना था कि गैजेट्स को आउटडोर एक्टिविटीज के साथ रिप्लेस करने से आदत छुड़ाई जा सकती है।

बच्चों को महसूस करवाएं कि आप उनमें रूचि रखते हैं

काउंसलर्स ने बताया कि पैरेंट्स की समस्याओं के समाधान के लिए बच्चों से संवाद स्थापित करना ही सबसे बेहतर तरीका है। अाप उनसे दोस्त की तरह बात करें और उन्हें अहसास करवाएं कि अाप उनमें रूचि ले रहे हैं। तो वे आपसे कुछ नहीं छिपाएंगे और ना ही आपकी बात का बुरा मानेंगे। वर्कशाॅप से पहले डांस, ड्रामा, पेंटिंग, आर्ट एंड क्राफ्ट, सिंगिंग, पोटरी, शूटिंग और अबेकस जैसी कई एक्टिविटीज को बच्चों और पैरेंट्स ने एंजॉय किया। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्या रागिनी कच्छवाहा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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