डिप्लोमा छात्रों को देते हैं प्रोविजनल सर्टिफिकेट क्योंकि निदेशालय ने ऑरिजनल छपवाए ही नहीं

Jodhpur News - तकनीकी शिक्षा निदेशालय की ओर से पासआउट इंजीनियरिंग आैर नॉन इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स को ओरिजनल सर्टिफिकेट की बजाय...

Jan 20, 2020, 08:50 AM IST
तकनीकी शिक्षा निदेशालय की ओर से पासआउट इंजीनियरिंग आैर नॉन इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स को ओरिजनल सर्टिफिकेट की बजाय प्रोविजनल सर्टिफिकेट ही दिया जा रहा है। कारण कि निदेशालय सर्टिफिकेट ही नहीं छपवा पा रहा है और पेंडेंसी बढ़ती जा रही है। अभी भी निदेशालय के पास 40 हजार से ज्यादा ओरिजनल सर्टिफिकेट छपवाने बाकी हैं। दरअसल इंजीनियरिंग और नॉन इंजीनियरिंग कोर्सेज कर पासआउट हो चुके स्टूडेंट्स निदेशालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। किसी को नौकरी में ओरिजनल सर्टिफिकेट की जरूरत है तो किसी को साक्षात्कार के लिए। स्टूडेंट्स ओरिजनल सर्टिफिकेट की मांग करते हैं तो उन्हें तत्काल सर्टिफिकेट नहीं मिल पा रहा है, जबकि पासआउट हुए उन्हें चार-पांच वर्ष बीत चुके हैं। ओरिजनल सर्टिफिकेट छपवाने की मंथर गति से स्टूडेंट्स परेशान हो रहे हैं। एक वर्ष पहले तक यह आंकड़ा 80 हजार से ज्यादा था, जिसे धीरे-धीरे कम करने का प्रयास किया जा रहा है, पर बैकलॉक इतना अधिक है कि अफसर ज्यादा कुछ नहीं कर पा रहे हैं। निदेशालय के अफसरों ने बताया कि वे प्रयास कर रहे हैं कि जल्द से जल्द पूरी पेंडेंसी को खत्म कर दिया जाए।

2010 के बाद नहीं छपे सर्टिफिकेट

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