आठवीं बोर्डस्टूडेंट्स तृतीय भाषा का विकल्प बदल सकेंगे
एजुकेशन रिपोर्टर.जोधपुर| किसी स्कूल के स्टूडेंट ने आठवीं कक्षा में तृतीय भाषा के रूप में संस्कृत या उर्दू पढ़ी है और वह पंजाबी विषय का स्टूडेंट है तो उसे पंजाबी विषय की परीक्षा देने का मौका मिलेगा। इसके लिए संबंधित संस्था प्रधान को लिखित में अपने सीबीईओ को देगा और सीबीईओ के निर्देश पर परीक्षा केंद्र का केंद्राधीक्षक बच्चों को वर्षभर पढ़े गए तृतीय भाषा विषय की परीक्षा देने की इजाजत देगा। डाइट प्रिंसिपल रमा आसनानी ने बताया कि कई स्कूलों ने तृतीय भाषा के विकल्प के रूप में ऑप्शन गलत भर दिए। ऐसे में उन स्कूलों के बच्चों को यह छूट दी गई है कि उनकी स्कूल में जो विषय पढ़ाया गया था और गलती से ऑप्शन दूसरा भर दिया गया है तो वे बच्चे सत्र में पढ़े गए विषय की परीक्षा दे सकेंगे। आठवीं बोर्ड प्रभारी मूलसिंह चौहान ने बताया कि इसके तहत संबंधित केंद्राधीक्षक रिजर्व प्रश्न-पत्रों से बच्चों की परीक्षा संपादित करवाएंगे।