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पूर्व व वर्तमान सचिव के गुट आमने-सामने

एक वर्ष पहले
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दो साल से लगातार चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के नामांकन पर रोक लगाने का मामला

उम्मेद क्लब चुनाव में पूर्व सचिव विनोद सिंघवी व मौजूदा सचिव विनय कवाड़ के ग्रुप से उम्मीदवारों के नामों की घोषणा हो चुकी है। लेकिन अभी भी चुनाव लड़ने वाले एक गुट को न्यायालय से राहत की उम्मीद है। वहीं एक ग्रुप मौजूदा चुनाव प्रक्रिया से संतुष्ट होते हुए चुनाव की तैयारियों में जुटा हुआ है। दोनों ग्रुप के चुनावी कार्यालयों का उद्घाटन हो चुका है।

उम्मेद क्लब के चुनाव की घोषणा के साथ ही विरोध शुरू हो गया था। विरोध का कारण क्लब के संविधान की धारा 8.5 में संशोधन था। एक तरफ मौजूदा पदाधिकारियों ने इस धारा में वर्ष 2014 में हुए संशोधन को त्रुटि मानते हुए इससे पूर्व लागू नियम के तहत चुनाव करवाने की घोषणा की और चुनाव अधिकारी नियुक्त कर दिया। वहीं दूसरी ओर पूर्व सचिव विनोद सिंघवी के ग्रुप के लोगों ने संशोधन को महज कार्यकारिणी की बैठक में बदलने को गलत बताया। उनका कहना है कि गत चुनावों में इस नियम में संशोधन के आधार पर ही चार नामांकन रद्द किए थे, कुछ पदाधिकारी इस नियम की वजह से चुनाव नहीं लड़ पाएंगे, इसीलिए इसमें संशोधन किया है। इसके बाद शिकायतों का दौर चला और अब उप रजिस्ट्रार संस्था पंजीयन ने जयपुर मुख्यालय को भेजे एक पत्र में मौजूदा कार्यकारिणी की ओर से किए गए इस संशोधन को गलत बताया है। उप रजिस्ट्रार बृजेश कुमार भाटी का कहना है कि संशोधन में क्लब की धारा 12 का उल्लंघन हुआ है। विभाग को कार्रवाई का अधिकार नहीं है। जयपुर मुख्यालय को मामले से अवगत करवाया है, इस संबंध में निर्णय लेने का अधिकार केवल न्यायालय काे ही है। इस मामले को न्यायालय में चुनौती भी दी जा चुकी है, निर्णय आना बाकी है।

जज का सुनवाई से इनकार, अन्य कोर्ट से सुनवाई के लिए परिवाद डीजे को भेजा

लीगल रिपोर्टर | जोधपुर

उम्मेद क्लब के चुनाव में दो साल से लगातार चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों पर रोक लगाने का लेकर पेश किए गए परिवाद पर अपर जिला न्यायाधीश संख्या 6 तनसिंह चारण ने गुरुवार को सुनवाई से इनकार कर दिया। उन्होंने परिवाद को जिला व सेशन न्यायाधीश के पास भेज दिया। अब जिला न्यायाधीश तय करेंगे कि इस परिवाद पर कौनसे एडीजे सुनवाई करेंगे। क्लब सदस्य विधुशेखर दवे की ओर से प्रस्तुत वाद में कोर्ट को बताया गया कि क्लब में दो साल लगातार (टू टर्म) चुनाव लड़ने वाला व्यक्ति तीसरी बार चुनाव नहीं लड़ सकता है। इस संबंध में पूर्व में संशोधन हो चुका है और पिछले चुनाव इसी संशोधन के आधार पर करवाए गए थे, लेकिन वर्तमान कार्यकारिणी द्वारा केवल सहकारी समिति के एक पत्र के आधार पर इस संशोधन को विधिसम्मत नहीं माना जा रहा है। पुराने नियमों के अनुसार चुनाव कराए जा रहे हैं। गत सुनवाई पर एडीजे श्वेता शर्मा ने रोक लगाने से इनकार कर दिया था। इस परिवाद पर गुरुवार को एडीजे चारण की कोर्ट में सुनवाई होनी थी, लेकिन चारण ने क्लब के चुनाव के लिए नियुक्त चुनाव अधिकारी देेवेंद्र अमरावत को रिश्तेदार बताते हुए सुनवाई से इनकार कर दिया। परिवाद को डीजे के पास भिजवा दिया।

अनिल भंसाली-विनय कवाड़ ग्रुप

अध्यक्ष }अनिल भंसाली

प्रथम उपाध्यक्ष }गिरीश चंदानी

द्वितीय उपाध्यक्ष }अशोक माहेश्वरी

सचिव }विनय कवाड़

कोषाध्यक्ष }मोतीचंद जैन

कार्यकारिणी सदस्य }दिलीप जैन, दौलत धनकानी, डॉ. नरेंद्र यादव, कुशा अरोड़ा, नरेश माथुर, नितेश सारड़ा, रमेश जैन, रितेश आंचलिया, शरद टाक व वीपेंद्र जैन।

सीके भंसाली-विनोद सिंघवी ग्रुप

अध्यक्ष } सीके भंसाली

प्रथम उपाध्यक्ष }जयंत मुरजानी

द्वितीय उपाध्यक्ष }अर्पित मोदी

सचिव }विनोद सिंघवी

कोषाध्यक्ष }भवानी शंकर भूत

कार्यकारिणी सदस्य }अभिनव डागा, आनंद मेवाड़ा, अरविंद कच्छवाहा, डॉ. बलवीर सिंह शेखावत, दीपक भाटी, नवीन सोनी, राहुल भंडारी, रवि जैन, शांतिलाल परिहार व श्रीकांत शर्मा।

पूर्व सचिव विनोद सिंघवी ग्रुप ने अपने चुनावी कार्यालय का उद‌्घाटन किया।

मौजूदा सचिव विनय कवाड़ ग्रुप ने एक साथ चुनाव प्रचार का श्रीगणेश किया।
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