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आयकर विभाग के पूर्व व्यापी कर वसूली पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

एक वर्ष पहले
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जोधपुर| राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत महांती व जस्टिस पीएस भाटी की खंडपीठ ने आयकर अधिनियम 1961 की धारा 115 बीबीई एवं शास्ति की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर आयकर विभाग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। याचिकाकर्ता दीपक मराठा की ओर से अधिवक्ता संदीप भंडावत, एनके तापड़िया व मयंक तापड़िया ने याचिका दायर कर कोर्ट को बताया कि आयकर अधिनियम की धारा 115 बीबीई का संशोधन 15 दिसंबर 2016 को दिया गया, जिसमें नोटबंदी के दौरान अघोषित आय पर 30 प्रतिशत की जगह 60 प्रतिशत टैक्स करने का संशोधन किया गया। आयकर अधिनियम की धारा 271 एएसी के तहत शास्ति की भी वैधता को चुनौती दी गई। अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि नियम में पूर्व व्यापी संशोधन मनमानीपूर्ण और असंवैधानिक है। संविधान के अनुच्छेद 14 का भी उल्लंघन करता है। संशोधन पूर्व व्यापी होने के कारण आयकर विभाग ने वित्तीय वर्ष 2016-17 पर भी लागू किया गया, जो अवैधानिक है। खंडपीठ ने याचिका विचारार्थ स्वीकार कर आयकर विभाग से जवाब तलब किया है। साथ ही कोर्ट ने पूर्व व्यापी कर वसूली पर अंतरिम रोक भी लगाई है।
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