पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

चेक बाउंस हुआ तो महिला को छह माह का कारावास, डेढ़ लाख जुर्माना

2 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
विशिष्ट महानगर मजिस्ट्रेट (एनआई प्रकरण) संख्या तीन की पीठासीन अधिकारी रीतिका चौहान ने चेक अनादरण के मामले में महिला शैली गज्जा को दोषी सिद्ध करार देते हुए छह महीने के साधारण कारावास की सजा से दंडित किया है। साथ ही डेढ़ लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। अगर जुर्माने की राशि नहीं चुकाई जाती है तो दो महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।

पुष्टिकर लघु व्यापारिक प्रतिष्ठान बचत व साख सहकारी समिति लिमिटेड जोधपुर की ओर से अधिवक्ता कपिल बोहरा ने एक परिवाद पेश कर कोर्ट को बताया कि अप्रार्थी शैली गज्जा प|ी संजय गज्जा को 16 जून, 2009 को समिति ने ऋण दिया था। ऋण अदायगी हर महीने किश्त से चुकाए जाने का तय हुआ लेकिन अप्रार्थी ने ऋण की अदायगी समय पर नहीं की तथा बकाया राशि के भुगतान पेटे एक चैक 21 फरवरी, 2013 को एक लाख 21 हजार रुपए का जोधपुर नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड का स्वयं के हस्ताक्षर कर सुपुर्द किया और विश्वास दिलाया कि इस चैक से भुगतान हो जाएगा। जब समिति ने चैक को बैंक में भुगतान के लिए पेश किया तो बैंक ने फंड्स इनसफीशिएंट के रिमार्क के साथ अनादरित करते हुए लौटा दिया। इस संबंध में अप्रार्थी से संपर्क किया गया, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।

अधिवक्ता बोहरा ने कड़ी सजा देने का आग्रह किया जबकि अप्रार्थी के अधिवक्ता की ओर से परिवाद खारिज करने का आग्रह किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने माना कि अप्रार्थी धारा 139 एनआई एक्ट के तहत उपधारणा का समुचित रूप से खंडन नहीं कर पाई। इसलिए अप्रार्थी धारा 138 एनआई एक्ट के अपराध में दोषसिद्ध किए जाने योग्य है। कोर्ट ने अप्रार्थी शैली गज्जा को छह महीने के साधारण कारावास की सजा से दंडित किया है। साथ ही डेढ़ लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। अगर जुर्माने की राशि नहीं चुकाई जाती है तो दो महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।

खबरें और भी हैं...