खेजड़ली-गुढ़ा से मोगड़ा तक बजरी के अवैध स्टॉक

2 वर्ष पहले
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बजरी का अवैध खनन और परिवहन रोकने में खान विभाग पूरी तरह फेल हो चुका है। बजरी माफिया के आगे पुलिस की स्पेशल टीम भी कुछ नहीं कर पा रही है। ऐसे में बजरी माफिया के हौसले बुलंद हैं और जोधपुर से सटे ग्रामीण इलाकों में स्टॉक कर बजरी का खुलेआम परिवहन कर रहे हैं। खास बात यह है कि बजरी को लेकर जाने वाले डंपर चालकों का रास्ता पता होने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।

दरअसल खेजड़ली, गुढ़ा, राजपुरिया व धींगाणा गांव से होते हुए माफिया अवैध बजरी का परिवहन कर रहे हैं। स्थिति यह है कि इन गांव तक पहुंचने वाली सड़क पर बजरी पड़ी है तो जगह-जगह बजरी के ढेर भी नजर आते हैं। कार्रवाई से बचने के लिए डंपर चालक ग्रामीण इलाकों के अंदरूनी छोटे-छोटे रास्तों का उपयोग करते हैं। वहीं माइनिंग विभाग के एमई श्रीकृष्ण शर्मा का कहना है कि विभाग बजरी माफिया के खिलाफ पुलिस की टीम के साथ लगातार कार्रवाई कर रहा है।

रात में करते हैं खनन

गुढ़ा से मोगड़ा जाने वाले रास्ते पर बजरी के कई स्टॉक केंद्र बन चुके हैं। यहां रात में जेसीबी की मदद से बजरी का खनन करते हैं और चार से पांच जगह पर स्टॉक कर लेते हैं। वहीं बजरी का परिवहन पुलिस की सुस्ती होने पर किया जाता है। तब तक किसी के खेत या फिर बाउंड्री के अंदर यह बजरी स्टॉक कर रखी जाती है।

जोजरी कर दी छलनी

जोजरी नदी को जगह-जगह से छलनी कर दिया है। नदी में बड़े-बड़े गड्‌ढे हो चुके हैं। जब यह बजरी लेकर गुजरते हैं तो ग्रामीणों को परेशानी होती है। कारण कि इन वाहनों की रफ्तार इतनी तेज होती है कि गांव वाले सहम जाते हैं। कई बार शिकायत दी, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने से बजरी माफिया से जुड़े लोग बेखौफ हैं।

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