जयंती वर्ष पर हुए भजन कार्यक्रम में छह कलाकार, श्रोता सिर्फ 1, वो भी साउंडवाला
पौन घंटा संयोजक का इंतजार होता रहा
अंदर कार्यक्रम जारी था, बाहर 11:45 बजे तक गांधी जीवन दर्शन समिति संयोजक अजय त्रिवेदी का इंतजार होता रहा। वे 11:45 बजे आए। बोले- कार्यक्रम केवल समिति सदस्यों व कुछ गणमान्य के लिए ही था। परीक्षाओं के चलते इसे शैक्षणिक संस्थान की बजाय ऑडिटोरियम में रखना पड़ा। फोटो: शिव वर्मा
जोधपुर| गांधीजी की 150वीं जयंती व दांडी मार्च वर्षगांठ के तहत शुक्रवार को जिला प्रशासन व गांधी जीवन दर्शन समिति द्वारा सूचना केंद्र मिनी आॅडिटोरियम में देशभक्ति व भजन कार्यक्रम हुअा। स्टेज पर छह कलाकाराें की भजन मंडली ने वैष्णव जन... गाया तो सामने बस एक श्रोता मौजूद था, वह भी साउंड सिस्टम लगाने वाला। बाकी 229 सीटें खाली पड़ी थीं। ना कार्यक्रम आयोजनकर्ता जिला प्रशासन से कोई आया ना आयोजन समिति से कोई। 12 बजे तक तो आयोजक ही पहुंच पाए। कार्यक्रम करीब ढाई घंटे चला तब 50 श्राेताओं को जुटाया गया। इस दौरान गायक दलपत डांगी, नरेन्द्र डांगी, ढोलक वादक बाबू झंवर, तबला वादक प्रशांत झंवर ने रघुपति राघव राजा राम, वैष्णव जन तो तेन कहिए, धरती धोरा री, ऐ वतन गीतों की प्रस्तुति दी।
इतनी कम भीड़ मेरे किसी भी कार्यक्रम में नहीं रही: गायक
खाली ऑडिटोरियम में प्रस्तुति देने वाले दलपत डांगी बोले- इतनी कम भीड़ किसी कार्यक्रम में नहीं रही। आयोजन शाम को व सार्वजनिक जगह होता तो श्रोता ज्यादा मिलते। आयोजकों को जिम्मेदारी ढंग से निभानी थी।
गांधीजी कोर्स-किताबों में ही, हमारे जीवन में नहीं?
कार्यक्रम में 12 बजे भी इतने ही लोग मौजूद थे।
कार्यक्रम ढाई घंटे चला, तब तक 50 श्राेता जुटा पाए