जोधपुर आयकर क्षेत्राधिकार के 4500 लंबित मामलों में अटका है 850 करोड़ का टैक्स-ब्याज
केंद्र के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रत्यक्ष करों से जुड़े मुकदमों का निपटारा करने के लिए ‘विवाद से विश्वास योजना’ की घोषणा की। इससे संबंधित बिल संसद में शुक्रवार को पास भी हो गया। इस स्कीम से जोधपुर आयकर क्षेत्राधिकार में बरसों से लंबित 4500 मामलों में कारोबारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद भी जगी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार इन्हीं लंबित मामलों में करीब 850 करोड़ का टैक्स व ब्याज अटका पड़ा है। मुख्य आयकर आयुक्त शिशिर झा के अनुसार कोई भी कारोबारी, जिनका किसी तरह का पुराना मामला विभिन्न स्तर पर लंबित है, वे इस स्कीम के तहत आवेदन करके बड़ी राहत ले सकते हैं, क्योंकि इस स्कीम के तहत उन्हें मूल टैक्स की राशि ही जमा करानी होगी। इससे कई गुना ज्यादा हो चुका ब्याज या पेनल्टी नहीं भरनी पड़ेगी। जोधपुर में ऐसे लंबित मामलों में एक प्रकरण सुप्रीम कोर्ट में है, तो हाईकोर्ट में करीब 100 प्रकरणों में 335 करोड़ और आईटीएटी में 190 केसेज में करीब 90 करोड़ रुपए का टैक्स व ब्याज अटका पड़ा है। जबकि, शेष प्रकरण आयुक्त (अपील) में चल रहे हैं। बताया जाता है कि करीब साढ़े चार हजार लंबित मामलों में कई तो 15-20 साल से भी ज्यादा पुराने हैं। ऐसे मामलों के निस्तारण के लिए नई स्कीम आने से टैक्सपेयर्स को सबसे बड़ा फायदा मिलेगा। इस स्कीम के बारे में करदाताओं व टैक्स प्रोफेशनल्स को जागरूक करने के लिए विभाग के स्तर पर भी सेमिनार आयोजित की जा रही है।
योजना में 30 जून तक ले सकेंगे फायदा
मुख्य आयकर आयुक्त झा के अनुसार एक सीमित समय यानी 30 जून तक के लिए लागू हुई इस योजना में ऐसे करदाता, जिनका टैक्स को लेकर किसी न किसी फोरम यानी अपील, ट्रिब्यूनल या विभिन्न न्यायालय में लंबित है, उन्हें राहत मिल सकती है। स्कीम में विवादित टैक्स मामलों को निपटाने की व्यवस्था के तहत करदाताओं को सिर्फ टैक्स राशि का ही भुगतान करना होगा। उस पर लगे ब्याज या पेनल्टी पर छूट दी जाएगी। इन मामलों में भी यदि करदाता ने पूर्व में विवादित मामले से संबंधित टैक्स का हिस्सा भुगतान किया गया था, जो वो राशि घटाने के बाद शेष हिस्सा जमा करवाना होगा। ऐसे मामलों में करदाता अपने टैक्स का भुगतान 31 मार्च 2020 तक करना होगा। इसके बाद भुगतान करने पर उन्हें 10 प्रतिशत अतिरिक्त राशि चुकानी पड़ेगी। इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन ही रहेगी और भुगतान भी ऑनलाइन ही किया जा सकेगा।