हैंड वॉश कराते मम्मियां बच्चों को सिखा रहीं मंत्र और श्लाेक

Jodhpur News - तनिशा अब दोहरा रहीं हनुमान चालीसा हाउसवाइफ तरुणा शर्मा ने बताया कि मैंने तो वॉश बेसिन पर श्लोक लिखकर लगा...

Apr 07, 2020, 08:26 AM IST

तनिशा अब दोहरा रहीं हनुमान चालीसा


हाउसवाइफ तरुणा शर्मा ने बताया कि मैंने तो वॉश बेसिन पर श्लोक लिखकर लगा दिया है ताकि जब-जब बेटी तनीषा हाथ धोने जाए, उसे दाेहरा सके। मैंने उसे कुछ और चौपाइयां भी सिखा दी हैं जिन्हें वह हैंड वॉश के साथ दोहराती हैं। इन श्लोकों से उसमें स्प्रीचुअल इंट्रेस्ट इतना बढ़ा कि अब वह रामायण और महाभारत जैसे टीवी प्रसारण भी उत्साह के साथ देख रही हैं।

कोरोना इंपैक्ट: घर में चल रही संस्कारों की पाठशाला

डाॅ. श्वेता पारीक, काउंसलर


लॉकडाउन की वजह से हमारे बच्चेे चारदीवारी में कैद होकर रह गए हैं। इन दिनों हम बच्चों से रातों रात संयम व समझदारी की उम्मीद कर रहे हैं। जरा सोचिए, हमने उन्हें यह कैसी दुनिया दे दी है। यह सवाल है इन नन्हे योद्धाओं का, जो अपने घरों में बड़ों-सा संयम व समझदारी रख देश के साथ खड़े हैं। बच्चों को निर्भीक और निडर बनाएं ना कि भयभीत व डरपोक। समय है उनके स्तर पर आ करके अपना जीवन, अपना बचपन पुनः जीने का। उनके साथ खेलें, जिम्मेदारियां बांटे व हंसी-खुशी से समय व्यतीत करें। उन्हें घर गंदा करने दें, बात-बात पर टोके नहीं। उनके जीवन में उत्साह, हौसला, पॉजिटिविटी व प्रेम के बीज बोएं ताकि उनका भविष्य उज्जवल हो। उन्हें संघर्ष का महत्व समझाएं और स्वयं भी इन मानसिक परिस्थितियों से संघर्ष करें ताकि बच्चों का कांफिडेंस बढ़ाने के लिए दूसरों का उदाहरण ना देना पड़े।

यह सवाल है घर के नन्हे योद्धाओं का

हाउसवाइफ अर्चना भंडारी ने बताया कि बचपन में नानी दादी हमें घर में रामायण और गीता के पाठ सुनाती थी। हम श्लोक को कंठस्थ कर लेते थे लेकिन आज बच्चे डांस और पोयम ही जानते हैं। इन दिनों एक दिन में बच्चों को पांच से सात बार हैंड वॉश करना पड़ रहा हैं तो मैंने ऐसे में मैंने अपने बेटे समर्थ को कुछ श्लोक सिखा दिए हैं। हैंड वॉश के साथ वह यह श्लोक रिपीट कर देता है। इस तरह अब तक बीस से अधिक श्लोक और इनके अर्थ सीख सीख चुका है।


टंकी पर लिख टेबल याद कर रहा मिताश


समर्थ को रामचरित मानस के प्रसंग हुए याद


नीतू बोहरा ने बताया कि बेटे मिताश को मैथ्स से डर लगता है तो मैंने उसके लिए पानी की टंकी पर ही टेबल और काउंटिंग लिख दी है। उसे हर घंटे हैंड वॉश करा रही हूं और जितनी बार वह हैंड वाॅश करती हैं, उतनी ही बार टेबल दाेहरा देता है। दूसरे दिन कुछ और लिख देती हूं और वॉश बेसिन पर ही मिताश की नॉलेज बढ़ रही है।

राइटर स्वाति व्यास ने बताया, मेरी बेटी स्वरू फोर्थ क्लास में है। उसे शेक्सपियर के कॉटेशन व फिक्शन के डायलॉग याद करना पसंद था लेकिन पढ़ाई में बिजी रहने की वजह से यह हो नहीं पा रहा था। इन दिनों मैंने बेटी को बहुत से संवाद सिखा दिए हैं और कहा है कि जितनी बार हैंड वॉश करो, उतनी बार ये संवाद और शेक्सपियर के उपन्यासों के डायलॉग रिपीट कराे। अब वह संस्कृत में कालिदास के नाटकों की कथाओं काे भी दोहराने लगी है।

शेक्सपियर के कोटेशन याद कर रहीं स्वरू

जोधपुर। पहले दादी-नानी कहानियों के जरिए बच्चों में संस्कारों के बीज बो देती थीं वहीं घर का माहौल देखकर भी बच्चों में स्प्रीच्युअलिटी डेवलप हो जाती थी, लेकिन सुबह जल्दी स्कूल जाने की दौड़भाग में यह आदत खत्म सी होने लगी थी। माॅम्स का कहना है कि बच्चों को पोयम तो याद है लेकिन श्लोक याद नहीं। अब लॉकडाउन की वजह से घरों का माहौल फिर से बदलने लगा है। टीवी पर रामायण और महाभारत जैसे सीरियल्स ने बच्चों को इन पौराणिक कथाओं की ओर आकर्षित किया है। यही कारण है कि बच्चे खेल-खेल में हनुमान चालीसा, रामायण की चौपाइयां सहित मंत्र और श्लोक सीखने में उत्साह दिखा रहे हैं। दिन में पांच से छह बार बच्चों को हैंड वॉश कराने और सेनेटाइज करने वाली मम्मियां उन्हें बातों-बाताें मंत्र अाैर श्लाेक याद करा रही हैं। यही नहीं, इस दाैरान बच्चाें ने टेबल लर्न करने और डॉयलॉग बोलने की प्रेक्टिस भी कर रहे हैं।

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