मनमर्जी के परीक्षा सेंटर, 12 कॉलेजोंकाे बना दिया उनके ही छात्रों का सेंटर
जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय (जेएनवीयू) में परीक्षा सेंटर आवंटन को लेकर कई विवाद हो चुके हैं। इसके बावजूद विश्वविद्यालय ने अपने ही कायदों को दरकिनार कर करीब एक दर्जन कॉलेजों के सेंटर वहीं के वहीं दे दिए। इसकी लगातार शिकायत हो रही है, लेकिन किसी के कान पर जूं नहीं रेंग रही है। उलटा नियमों और परिस्थितियों का हवाला देकर शिकायतों के टालमटोल जवाब दिए जा रहे हैं।
परीक्षा सेंटर आवंटन को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन सब धराशायी हो गए। सामूहिक नकल में पकड़े जा चुके महाविद्यालयों में फिर सेंटर दे दिए गए, जबकि कुलपति के पास कई शिकायतें पहुंच चुकी थीं। तब लगा कि इस बार पारदर्शिता के साथ संभाग भर के निजी महाविद्यालयों में परीक्षा सेंटर आवंटित किए जाएंगे, लेकिन जैसे ही सेंटर अलाॅट हुए, शिकायतें अानी शुरू हो गईं। कई निजी कॉलेज संचालकों को अब ये चिंता सता रही है कि जिन कॉलेजों का सेंटर खुद के यहां ही आया है, उनका परीक्षा परिणाम बेहतर होगा। इधर, विवि की कार्यप्रणाली को लेकर प्रदेश सरकार के मंत्री से लेकर पूर्व विधायक ने भी सवाल खड़े किए हैं, लेकिन शिकायतों पर कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।
एेसे तोड़े गए नियम }विवि की ओर से परीक्षा सेंटर आवंटन से पूर्व एक नियमावली बनाई गई थी, जिसके तहत ही परीक्षा सेंटर अलाॅट करने थे। इसमें सबसे अहम शर्त थी, तीन वर्ष से कम समय से संचालित हो रहे किसी कॉलेज को सेंटर नहीं दिया जाएगा, लेकिन यहां पर भी दो वर्ष पुराने ही एक कॉलेज को सेंटर दिया गया है।
अधिकतर कॉलेज जैसलमेर व अासपास के गांवाें में
विवि प्रशासन पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि इस बार करीब एक दर्जन ऐसे कॉलेजों के सेंटर बनाए गए हैं, जिनमें वहीं के स्टूडेंट्स परीक्षा देंगे। इनमें महात्मा गांधी कॉलेज गीडा, बीएल कॉलेज शिव, जसनाथ मेमोरियल कॉलेज सेड़वा, श्री करणी कॉलेज जैसलमेर, एनी बिसेंट कॉलेज आऊ, आदर्श कॉलेज देचू, क्षेत्रपाल महाविद्यालय देसूरी, जैन तेरापंथ महाविद्यालय राणावास, उदय कॉलेज कोटड़ा जालोर अाैर श्री हरि कन्या कॉलेज कोटड़ा रानीवाड़ा शामिल बताए जा रहे हैं।