मनमर्जी से नहीं, जांच करवाकर ही परीक्षा सेंटर देने को कहा
जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के नियमित स्टूडेंट्स की परीक्षाएं प्रारंभ हो चुकी हैं, लेकिन परीक्षा सेंटर को लेकर उपजा विवाद बढ़ता जा रहा है। पॉलिसी के नाम पर मनमर्जी से परीक्षा केंद्र आवंटन करने का वर्तमान सरकार के राज्यमंत्री भी ऐतराज जता चुके हैं और अब पूर्व मुख्य सचेतक एवं पूर्व विधायक रतन देवासी ने भी आवाज उठाई है। देवासी ने विवि कुलपति को पत्र में पॉलिसी के अनुसार जांच करवाकर परीक्षा सेंटर देने के लिए लिखा है।
दरअसल जेएनवीयू की परीक्षा में सेंटर आवंटन के नाम पर लंबे समय से गड़बड़ियां चल रही हैं, लेकिन विवि प्रशासन चुप्पी साधे है। एक शिकायत के आधार पर गोपनीय शाखा के असिस्टेंट रजिस्ट्रार का तो तबादला कर दिया, लेकिन दूसरी ओर कई शिकायतों के बाद भी कुछ अफसरों और कर्मचारियों पर मेहरबानी की जा रही है। अपने पत्र में पूर्व विधायक ने एक शिकायती ज्ञापन का हवाला देकर कहा कि इनकी जांच होनी चाहिए, उसके पश्चात ही परीक्षा सेंटर आवंटित करने चाहिए।
क्या है शिकायती पत्र में
पत्र में आरोप लगाते हुए लिखा है कि विवि प्रशासन का दावा है कि परीक्षा सेंटर नई पॉलिसी के अनुसार किए हैं, लेकिन चिंकारा शिक्षण संस्थान कोटड़ा द्वारा दो महाविद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। एक का नाम हरि कन्या महाविद्यालय कोटड़ा है और दूसरे का नाम श्री महादेव कॉलेज सांकड़ा। इनका परीक्षा सेंटर पिछले तीन साल से इसके स्वयं के महाविद्यालय में ही आ रहा है। इस बार दिखाने के लिए महादेव कॉलेज का सेंटर बदल दिया गया, पर हरि कन्या महाविद्यालय का सेंटर कॉलेज में ही रखा गया। जबकि इसके 10 किलोमीटर के दायरे में दूसरा कॉलेज बना हुआ है। कुछ कॉलेजों के लिए अलग पॉलिसी और कुछ के लिए अलग पॉलिसी से सिस्टम खराब हो रहा है। कॉलेज का कॉलेज में ही परीक्षा सेंटर आने से दूसरे कॉलेजों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
कई कॉलेजों ने जमा नहीं करवाई राशि
विवि प्रशासन परीक्षा के नाम हो रही गड़बड़ियां रोकने में पूरी तरह नाकाम रहा है। इस बार की नई पॉलिसी के अनुसार कॉलेजों को दो लाख रुपए डिपोजिट और 25 हजार रुपए केंद्र आवंटन के तौर पर जमा करवाने थे। सेंटर बना तो दिए, लेकिन अभी तक कइयों ने यह राशि जमा नहीं कराई है।
वनमंत्री के बाद पूर्व एमएलए ने भी भेजा जेएनवीयू कुलपति को पत्र, कहा-पॉलिसी अनुसार हो परीक्षा केंद्र आवंटन