अब यह मत पूछिए कि कितना कमा लेते हो बल्कि यह पूछें कि कितनी बचत कर रहे हो?

Jodhpur News - सिटी रिपोर्टर. जोधपुर कुछ साल पहले व्यक्ति की पहचान कैरेक्टर से होती थी, अब उसकी कमाई से हाे रही है अाैर जल्द...

Feb 22, 2020, 09:11 AM IST
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सिटी रिपोर्टर. जोधपुर

कुछ साल पहले व्यक्ति की पहचान कैरेक्टर से होती थी, अब उसकी कमाई से हाे रही है अाैर जल्द ही हम देखेंगे कि लाेग कमाई की बजाय यह पूछना शुरू कर देंगे कि अाप मंथली इनकम में से कितना सेव कर रहे हैं? बात सिर्फ बचत की ही नहीं बल्कि अब तो चैलेंज अपनी बचत को सही जगह इन्वेस्ट करने का है। यही कारण है कि इन्वेस्टमेंट जैसे फैसले 90 फीसदी घरों में पुरुष ही करते हैं चाहे एकाउंट या प्रोपर्टी महिलाओं के नाम से ही हों। यह कहना था फाइनेंस कंसल्टेंट और एडवाइजर अंजलि अरोड़ा का। वे एक इंटरेक्टिव सेशन "एवरी वुमन शुड इन्वेस्ट' में महिलाओं को बता रही थीं कि उन्हें इन्वेस्टमेंट के तरीके और इसकी जानकारी क्यों होनी चाहिए। उन्होंने कहा, महिलाओं का काम सिर्फ कागजों पर साइन करना ही रह गया है लेकिन अब वक्त आ गया है कि वे इन्वेस्टमेंट के बारे में भी जागरूक हों। इन्वेस्टमेंट ऐसा होना चाहिए जो परेशानी के समय पर हमारे काम आए और हमें सिक्योरिटी प्रदान कर सके। अंजलि ने बताया, महिलाओं में बचत करने की प्रवृत्ति खून में ही है। पहले वे किचन, पर्स या आलमारी में बचत को छुपा कर रखती थीं लेकिन अब समय बदल गया है। आज अगर आपने बचत का वही तरीका रखा तो वहां रखे 100 रुपए पांच साल बाद महज 60 या 70 रुपए के बराबर ही रहेंगे। अब समय बचत करने से ज्यादा उसे सही जगह इन्वेस्ट करने का है ताकि आज के 100 रुपए की कीमत कल भी 100 रुपए के बराबर ही रहे। हमारे दादी-नानी के जमाने में एफडी वगैरह पर बैंक महंगाई दर के मुकाबले ज्यादा ब्याज देते थे इसलिए उनका पैसा बढ़ता रहा और वे अपनी जिम्मेदारियां बखूबी निभा पाए लेकिन आजकल जो इंटरेस्ट रेट्स चल रही हैं वे महंगाई दर के बराबर ही हैं। महंगाई तेजी से बढ़ रही है और ऐसे में आपकी यह बचत भविष्य में उसके मुकाबले उपयोगी हो, इसलिए जरूरी है कि आप सही जगह इन्वेस्ट करें। अंजलि ने अलग-अलग तरह के इन्वेस्टमेंट ऑप्शन भी बताए। इस सेशन में रेनबो ग्रुप की मेंबर्स ने भी हिस्सा लिया और कई क्वेरीज भी कीं।

इन्वेस्टमेंट के लिए अपनाएं थ्री बास्केट रूल

फाइनेंशियल प्लानिंग इस तरह हाेनी चाहिए कि परेशानी में किसी के आगे हाथ फैलाने की जरुरत न हाे। उन्हाेंने थ्री बास्केट रूल के जरिए समझाया कि इन्वेस्टमेंट किस तरह करना चाहिए। थ्री बास्केट में इमरजेंसी फंड बास्केट, वैल्यू क्रिएटर बास्केट और प्रोटेक्शन प्लानिंग बास्केट के बारे में डिटेल से बताया।

एक ही जगह, एक ही तरीके से न करें इन्वेस्ट

अंजलि ने बताया, एक जगह पैसा ना लगाएं बल्कि बैंक एफडी, प्रोपर्टी, गोल्ड, म्युचुअल फंड और स्टॉक मार्केट में कुछ-कुछ पैसा जमा करना चाहिए क्योंकि अगर एक का रिटर्न कम होता है तो दूसरे से फायदा हो जाएगा। उन्होंने कहा, पहले सार्वजनिक जगहों पर लिखा होता था कि जेबकतरों से सावधान क्योंकि लोग रुपए पैसे जेब में रखते थे। वो समय अच्छा था क्योंकि अगर जेब कट भी जाती तो सिर्फ उतना ही पैसा जाता जो जेब या पर्स में होता। लेकिन अब तो हैकर सीधा आपके खाते में पड़ी मेहनत की कमाई को ही साफ कर रहे हैं। इसलिए जरूरी है कि एक ही खाते में ज्यादा पैसे न रखें। पति, प|ी, मां, पिता और बच्चों के अलग-अलग खाते होते ही हैं, कोशिश करें कि अलग-अलग खातों में जरूरत लायक पैसे रखें ताकि गलती से खाता हैक तो पूरी बचत साफ न हो जाए। एक बड़ी एफडी कराने की बजाय छोटी-छोटी राशि की कराएं। इससे जरूरत पड़ने पर एक एफडी तुड़वा भी लेंगे तो ब्याज का लॉस नहीं होता और जरूरी काम भी निकल जाएगा।

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