जीवन में शांति के लिए प्रभु व गुरु भक्ति के साथ दूर करें परपीड़ा

Jan 16, 2020, 08:55 AM IST
Jodhpur News - rajasthan news remove sadness with lord and guru devotion for peace in life

जोधपुर | आज और कल जगद्गुरु रामानंदाचार्य की जयंती है। माघ माह की सप्तमी संवत 1356 अर्थात ईस्वी सन 1300 को कान्यकुब्ज ब्राह्मण के कुल में जन्मे रामानंद के पिता का नाम पुण्य शर्मा व माता का नाम सुशीला देवी था। वे स्वामी रामानंदाचार्य वैष्णव भक्तिधारा के महान संत थे। रामानंद अर्थात रामानंदाचार्य ने हिन्दू धर्म को संगठित और व्यवस्थित करने के अथक प्रयास किए। उन्होंने वैष्णव संप्रदाय को पुनर्गठित किया और वैष्णव साधुओं को उनका आत्मसम्मान दिलाया। भारतीय राष्ट्र को रामानंदजी ने एक नई दिशा दी और प्रेम और भक्ति का मार्ग दिखाया। रामानंदाचार्य के नाम से रामानंद संप्रदाय चला और आज भी चल रहा है, जिसका मुख्यालय श्रीमठ, पंचगंगा घाट, वाराणसी है। संप्रदाय में आज भी दरवाजे सभी जातियों और यहां तक कि अन्य धर्म के लोगों के लिए भी खुले हुए हैं। आज उनके बताए अनुसार रामनाम का जाप करने, गुरु में आस्था रखने व हर जाति, वर्ग व समाज के लिए समता व सद्भाव रखने की पहल करेंगे तो जीवन में शांति के साथ मोक्ष के द्वार खुलेंगे।

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